Rishikesh Karnprayag Rail Network प्रोजेक्ट के तहत बनी पहली मुख्य सुरंग दो किलोमीटर लंबी है, जिसे खांकरा और नरकोटा के बीच बनाया गया है।
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Rishikesh Karnprayag Rail Network Khankra Narkota Tunnel Break Throw
रुद्रप्रयाग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना Rishikesh Karnprayag Rail Network का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
Khankra Narkota Tunnel Break Throw
प्रोजेक्ट के तहत बनाई गई पहली मुख्य सुरंग का रविवार की रात को ब्रेक थ्रो किया गया। सुरंग के आर-पार होते ही मैक्स कंपनी के इंजीनियर और कर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रोजेक्ट के तहत बनी पहली मुख्य सुरंग दो किलोमीटर लंबी है, जिसे खांकरा और नरकोटा के बीच बनाया गया है। इसे बनाने में 520 दिन का वक्त लगा। इसके लिए पांच सौ से अधिक कर्मचारी दिन-रात काम में जुटे रहे। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेल लाइन में पैकेज 7 ए के पोर्टल-2 में ये पहली ऐसी मुख्य सुरंग है, जिसका ब्रेक थ्रो हुआ है। आगे पढ़िए
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत सात किलोमीटर के दायरे में काम कर रही मैक्स कंपनी ने पहले एस्केप टनल और रविवार की रात को मुख्य सुरंग का ब्रेक थ्रू कर टनल को आर-पार किया है। मैक्स इन्फ्रा के जीएम राजेश कुमार ने बताया कि रेल परियोजना के अंतर्गत नरकोटा-खांकरा के बीच पहला ब्रेक थ्रू पूर्ण हुआ है। मैक्स कंपनी के 500 से अधिक इंजीनियर, एक्सपर्ट्स और वर्कर्स की मेहनत से यह काम पूरा हो सका। बता दें कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत योगनगरी ऋषिकेश, शिवपुरी, ब्यासी, देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर, धारी देवी, तिलनी, घोलतीर, गौचर, सिवाई-कर्णप्रयाग में रेलवे स्टेशन बनेंगे। परियोजना का काम साल 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।