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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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हरिद्वार: हरिद्वार के ज्वालापुर में संदिग्ध आतंकी अलीनूर, रुड़की नगला इमरती के मुदस्सिर और देवबंद के कामिल की गिरफ्तारी के बाद सलेमपुर व दहशत का माहौल है।
पकड़ा गया आतंकी अलीनूर अब्दुल रहमान की दुकान पर आकर बैठता था। अब्दुल रहमान को एटीएस भी उठाकर ले गई लेकिन अलीनूर से कोई संबंध नहीं होने पर उसे छोड़ दिया। आतंकी पकड़े जाने के खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। कई आशंकित संदिग्ध एजेंसियों के रडार पर हैं। दरअसल हरिद्वार जिला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, बिजनौर और सहारनपुर से सटा है। जिले में आतंकी घुसपैठ की पूर्व में भी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रुड़की से 2018 और 2020 में आतंकी संगठनों से जुड़े कई संदिग्ध पकड़े जा चुके हैं। 30 सितंबर को बांग्लादेशी आतंकी अलीनूर, रुड़की निवासी उसके साथी मुदस्सिर और कामिल की दादूपुर गोविंदपुरी सिडकुल से गिरफ्तारी के बाद प्रदेशभर में हड़कंप मचा है।
अलीनूर अपने साथी मुदस्सिर और कामिल के साथ मिलकर गजवा-ए-हिंद Ghazwa e Hind की विचारधारा से युवाओं को जोड़ने का काम करता था। एलआईयू, ज्वालापुर में अब्दुल रहमान और अयान की दुकान में अलीनूर अक्सर आकर बैठता था। लोगों से बातचीत करता था। यूपी एटीएस ने अलीनूर, मुदस्सिर और कामिल के साथ दुकान संचालक अब्दुल रहमान को 30 सितंबर को गिरफ्तार किया था। हालांकि, अब्दुल रहमान को बाद में छोड़ दिया गया। अब्दुल रहमान खंजरपुर रुड़की का रहने वाला है। वहीं रुड़की निवासी अयान के साथ पार्टनर में कपड़ों के कटपीस की दुकान चलाता है। अब्दुल रहमान हाफिज भी है। अब्दुल रहमान और अयान के अलावा आसपास के लोग भी दहशत में हैं। सूत्रों के मुताबिक एलआईयू और सुरक्षा एजेंसियों ने कई संदिग्ध अपने रडार पर रखे हैं और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।