Kedarnath Helicopter Crash संयोग ही था कि केदारनाथ से वापस लौटने वाले यात्रियों की सूची में नाम होने के बावजूद मध्य प्रदेश निवासी रमेश सिंह हेलीकॉप्टर में सवार नहीं हुए।
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कोमल नेगी
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Image: Kedarnath Helicopter Crash Story of Ramesh Singh of Madhya Pradesh
रुद्रप्रयाग: बीते मंगलवार को केदार घाटी में एक हेलीकॉप्टर गंभीर हादसे का शिकार हो गया।
Kedarnath Helicopter Crash Story of Ramesh Singh
इस दुर्घटना में पायलट सहित सात लोगों की मौत हो गई। वहीं सूची में नाम होने के बाद भी एक यात्री हेलीकॉप्टर में नहीं बैठा। यह संयोग ही था कि केदारनाथ से वापस लौटने वाले यात्रियों की सूची में नाम होने के बावजूद मध्य प्रदेश निवासी रमेश सिंह हेलीकॉप्टर में सवार नहीं हुए। जबकि, अन्य छह यात्री उड़ान भरने के महज दो मिनट बाद ही हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए। जान गंवाने वालों में पूर्वा रामानुज, कृति बराड़, ऊर्वी बराड़, सुजाता, प्रेमकुमार व कला के साथ ही रमेश का नाम भी शामिल था। 65-वर्षीय रमेश लगभग दो घंटे से वापस लौटने वाले यात्रियों की सूची में अपना नाम शामिल होने का इंतजार कर रहे थे। संयोग से उनका नाम सूची में शामिल कर भी लिया गया..आगे पढ़िए
लेकिन उनके स्वजन का नाम उसमें शामिल नहीं हो पाया। और स्वजन के बिना रमेश इस हेलीकॉप्टर में सवार नहीं हुए और उड़ान भरने के मात्र दो मिनट बाद उनकी आंखों के सामने ही यह हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना के बाद से रमेश सहमे हुए हैं। लगभग चार घंटे तक वे कुछ नहीं बोल पाए। बाद में ही वह कुछ बोलने की स्थिति में आ पाए। रमेश ने बताया कि वह अपनी आंखों के सामने हुई इस दुर्घटना (Kedarnath Helicopter Crash) से उनका मन विचलित है। वह अब हेली के बजाय, घोड़े से या पैदल ही गौरीकुंड लौटेंगे। उनका यह भी आरोप है कि हेली सेवाओं में भारी अनियमिताएं हो रही हैं और अव्यवस्था ही ऐसी दुर्घटनाओं की मुख्य वजह है।