हरिद्वार में आरडीएसएस योजना के तहत बिजली का खंभा लगाते समय बड़ा हादसा हुआ। 11 हजार वोल्ट लाइन की चपेट में आने से एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Worker Dies During Power Line Accident in Haridwar
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में रविवार को बिजली विभाग से जुड़े कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत बिजली का खंभा लगाने के दौरान पांच कर्मचारी हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए। हादसे में एक कर्मचारी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद कार्यस्थल पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।
Worker Dies During Power Line Accident in Haridwar
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार के पथरीबाग क्षेत्र स्थित ओम सिटी के पास आरडीएसएस योजना के तहत बिजली का कार्य चल रहा था। कंपनी के अधीन ठेकेदार के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी बिजली का खंभा स्थापित कर रहे थे। इसी दौरान खंभा पास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। संपर्क होते ही पूरे खंभे में करंट दौड़ गया और वहां मौजूद पांच कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करंट का झटका इतना तेज था कि कर्मचारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे में अमरोहा (उत्तर प्रदेश) निवासी उमेश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पप्पू, जसमान सहित चार अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और सहकर्मियों की मदद से सभी घायलों को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। आगे पढ़िए..
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मृतक और घायल सभी कर्मचारी उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के निवासी हैं। वे ठेकेदार के माध्यम से आरडीएसएस योजना के अंतर्गत कार्य कर रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन भी हरिद्वार पहुंच गए। घटना के बाद परिवारों में शोक और चिंता का माहौल है। हादसे के बाद संबंधित विभाग और कार्य कर रही कंपनी के अधिकारियों द्वारा आरडीएसएस योजना के अंतर्गत कार्य चलने की जानकारी से अनभिज्ञता जताने की बात भी सामने आई है। इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं कि यदि कार्य चल रहा था तो सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया और कर्मचारियों को हाई वोल्टेज लाइन के पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण क्यों उपलब्ध नहीं कराए गए।
पुलिस ने शुरू की जांच
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पता चला कि करंट लगने से पांच कर्मचारी घायल हुए थे, जिनमें एक की मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। साथ ही हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने बिजली परियोजनाओं में काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाई वोल्टेज लाइनों के आसपास कार्य करते समय सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन आवश्यक है। यदि कार्य के दौरान पर्याप्त सावधानी बरती जाती तो इस तरह की दुखद घटना को टाला जा सकता था। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और जिम्मेदार लोगों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।