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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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बागेश्वर: प्रेम, संयम और मित्रता ही एक अध्यापक को महान बनाते हैं। शिक्षकों को सिखाया जाता है कि बच्चों को हेल्दी वातावरण में पढाएं ताकि वे बिना डर और हिचकिचाहट के पढ़ सकें मगर भारत में बिना डंडे और मारपीट के शिक्षकों का घर नहीं चलता।
अब बागेश्वर में ही देख लीजिए, यहां एक शिक्षिका ने गुस्से में बच्चे को मुर्गा बना डाला। उसके बाद भी जब उनके कलेजे को ठंडक नहीं मिली तो उन्होंने छात्र पर डंडों की वर्षा करदी। राइंका में नौवीं कक्षा में अध्ययनरत 13 वर्षीय छात्र का आरोप है कि 23 नवंबर को प्रार्थना सभा के बाद वह अपनी कक्षा के बच्चों की लाइन से दूसरी लाइन में चला गया था। इस पर नाराज मैडम (शिक्षिका) ने पहले उसे स्कूल परिसर में मुर्गा बनाया फिर कक्षा कक्ष में डंडे से जमकर पीटा। मामला 23 नवंबर का है। घायल छात्र शिक्षिका के डर से दो दिनों से स्कूल नहीं जा रहा है। खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) ने घायल छात्र के पिता की शिकायत पर शिक्षिका का स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने छात्र के इलाज का खर्च वहन करने के लिए भी शिक्षिका को निर्देशित किया है। आगे पढ़िए
दरअसल राइंका में नौवीं कक्षा में अध्ययनरत 13 वर्षीय छात्र का आरोप है कि 23 नवंबर को प्रार्थना सभा के बाद वह अपनी कक्षा के बच्चों की लाइन से दूसरी लाइन में चल गया था। इस पर नाराज मैडम ने उसे स्कूल परिसर में मुर्गा बनाया फिर कक्षा में डंडे से जमकर पीटा। घायल छात्र का घर पर ही प्राथमिक इलाज चल रहा है। वह इतना डर गया है कि भय के कारण पिछले दो दिन से स्कूल नहीं गया है। छात्र के पिता ने बीईओ को मामले की शिकायत की है और कहा है कि शिक्षिका को शीघ्र बर्खास्त नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।बता दें कि शिक्षिका पूर्व में भी तीन छात्रों की पिटाई कर चुकी। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षिका पूर्व में भी तीन छात्रों की पिटाई कर चुकी हैं।