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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: उत्तराखंड में अगर आप भी अपने घर की चाहत रखते हैं तो अब अपने घर का सपना जल्द ही आसान होने वाला है।
पुष्कर सिंह धामी सरकार निम्न और निम्न मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ते घर मुहैया करवाने के लिए डेवलपर को विशेष छूट देने जा रही है।किफायती आवास बनाने वाले डेवलपर को लैंडयूज और मानचित्र शुल्क में छूट मिलेगी। इसके बाद डेवलेपर को 12 से 18 लाख रुपए की रेंज में घर बनाकर देने होंगे। दरअसल प्रदेश की आवास नीति के तहत उत्तराखंड सरकार पूरा फोकस आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवासहीन परिवारों को घर मुहैया कराने पर कर रही है। इसके लिए सरकार ने डेवलेपर के लिए छह लाख रुपए तक में आवास बनाने की शर्त रखी है।
आवास विकास परिषद खुद डेवलेपर साथ मिलकर, ऐसी एक दर्जन से अधिक परियोजनाएं तैयार कर रहा है। इन आवासों की लागत कम रखने के लिए सरकार डेवलेपर को छूट दे रही है। ईडब्ल्यूएस के बाद वाली श्रेणी के लिए कोई योजना नहीं है। इसलिए विभाग लोअर इनकम ग्रुप (एलआईजी) और लोअर मिडिल इनकम ग्रुप (एलएमआईजी) के लिए भी इसी तर्ज पर आवासीय परियोजना विकसित करने की तैयारी कर रहा है। अपर आवास आयुक्त पीसी दुम्का ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इसका प्रस्ताव शासन को दिया जा चुका है। जल्द इस पर निर्णय होने की उम्मीद है। एलआईजी श्रेणी के आवास 12 से 15 लाख जबकि एमआईजी वर्ग के लिए आवास 15 से 18 लाख के बीच बनेंगे। एलआईजी का क्षेत्र फल 45 वर्गमीटर जबकि एलएमआईजी का क्षेत्रफल 60 वर्गमीटर प्रस्तावित किया गया है।