उत्तराखंड: हर हाल में करवा लें अपने पालतू डॉगी का रजिस्ट्रेशन, वरना होगी कार्रवाई

नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती का कहना है कि अपने घरों में कुत्ता पालने पालने वाले लोगों को नगर निगम से उसका लाइसेंस लेना जरूरी है।
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Pet dog registration haridwar: Pet dog registration license in haridwar
Image: Pet dog registration license in haridwar

हरिद्वार: अगर आप भी डॉग ओनर हैं और आपके पास भी घर पर पालतू कुत्ता है तो तुरंत ही उसका लाइसेंस बना लीजिए क्योंकि लाइसेंस न बनवाने पर आप मुसीबत में पड़ सकते हैं।

Pet dog registration license in haridwar

नगर निगम ने हाल ही में आदेश दिया है कि हरिद्वार में रहने वाले डॉग ओनर्स को उनके पालतू कुत्तों का लाइसेंस बनाना अनिवार्य होगा। चेकिंग के दौरान बिना लाइसेंस लिए हुए डॉग ओनर्स के ऊपर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। दरअसल उत्तराखंड के हरिद्वार में कुत्ता पालने के लिए अब नगर निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। बता दें कि बहुत से लोगों को कुत्ते पालने का शौक होता है, लेकिन इसके लिए वो नगर निगम से लाइसेंस लेना जरूरी नहीं समझते हैं। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि घर में कुत्ता पालने के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर नगर निगम के द्वारा उन पर कार्रवाई की जाएगी। यह नियम हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र में एक पालतू पिटबुल ने नौ साल के बच्चे को काट खाने के बाद बना। दरअसल पीड़ित के पिता ने कुत्ते के मालिक पर मुकदमा दर्ज करवा दिया था।

इस घटना के बाद नगर निगम के नगरीय क्षेत्र में कुत्ते पालने वालों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर घरों में जानवर या कुत्ते पालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती का कहना है कि अपने घरों में कुत्ता पालने पालने वाले लोगों को नगर निगम से उसका लाइसेंस लेना जरूरी है। हाल के दिनों में डॉग बाइट के कई मामले सामने आये हैं। नगर निगम क्षेत्र में जो लोग कुत्तों को बिना लाइसेंस के पाल रहे हैं।उनके खिलाफ नगर निगम जल्द ही कार्रवाई करेगा। ऐसे लोगों को नगर निगम से इसके लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। जिस किसी भी व्यक्ति के द्वारा ऐसा नहीं किया गया तो उनके खिलाफ नगर निगम सख्ती से कार्रवाई करेगा। वहीं, क्षेत्राधिकारी ज्वालापुर मनोज कुमार ठाकुर का कहना है कि यदि कोई पालतू कुत्ता किसी व्यक्ति को काट लेता है तो उसके संरक्षक या मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। ऐसे मामलों में कुत्ते के मालिक के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज होगा जिसमें ओनर को 6 महीने की जेल भी हो सकती है।