वो बेटी जिसके पिता कभी शहीद हो गए थे लेकिन उसे बेटी ने हिम्मत नहीं हारी, पिता की मौत के बाद परिवार टूट गया लेकिन उस बेटी का हौसला नहीं टूटा। पढ़िए दीपक इलिया की रिपोर्ट
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Rudraprayag Preeti Negi Made World Record By Climbing Mount Kilimanjaro
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड की बेटी ने साइकिल से अफ्रीकी महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी को फतह करके नया विश्व रिकॉर्ड बनाया।
Rudraprayag Preeti Negi Made World Record
वो बेटी जिसके पिता कभी शहीद हो गए थे लेकिन उसे बेटी ने हिम्मत नहीं हारी, पिता की मौत के बाद परिवार टूट गया लेकिन उस बेटी का हौसला नहीं टूटा। अब इस बेटी ने पूरे विश्व में भारत का डंका बजवाया है। रुद्रप्रयाग जिले की प्रीति नेगी ने 18 दिसम्बर को अफ्रीकी महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को साइकिल से 3 दिन में फतह कर लिया। इसके बाद प्रीति ने वहां तिरंगा फहराया और दुनिया को बताया कि असंभव काम को संभव कैसे बनाया जाता है। इससे पहले पाकिस्तान की समर खान ने 4 दिन में इस समिट पूरा किया था। प्रीति नेगी ने समर खान का रिकॉर्ड ब्रेक किया है. माउंट किलिमंजारो अफ्रीका का सबसे ऊंचा पर्वत है. इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 5895 मीटर है. प्रीति नेगी साइकिल से इस पर्वत की चोटी पर पहुंची हैं, पाकिस्तान की समर खान ने ये काम पूरा करने में 4 दिन लगाए थे। इसी के साथ प्रीति नेगी के नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित हुआ..आगे पढ़िए
प्रीति नेगी की कहानी वास्तव में प्रेरणादायक है। वो रुद्रप्रयाग के तेवड़ी सेम, पोस्ट चंद्रनगर की रहने वाली हैं। इस बेटी ने अपने पिता को खोया लेकिन कभी खुद को कमजोर होने नहीं दिया. मां भागीरथी देवी भी लगातार बेटी की हौसला अफजाई करती रहीं। प्रीति नेगी हमेशा से कुछ बेहतर कर नाम रोशन करना चाहती थीं, इसलिए बचपन से ही खेलकूद के साथ बाइकिंग माउंटेन और साइकिलिंग में खुद को निखारने लगीं। प्रीति के पिता राजपाल सिंह 2002 में शहीद हुए थे। आतंकवादियों से लड़ते हुए जम्मू कश्मीर में प्रीति के पिता शहीद हुए थे। इस घटना ने परिवार को झकझोर दिया, लेकिन प्रीती नहीं हारी। 2015 में प्रीती ने बॉक्सिंग में स्टेट लेवल तक खेला। प्रीति ने 2016 में पर्वतारोहण में बेसिक कोर्स किया। जिसके बाद से वो कई चोटियों पर पर्वतारोहण कर चुकी हैं. 2017 ने यूथ फाउंडेशन में बतौर इंस्ट्रक्टर बनकर लड़कियों को प्रशिक्षित किया। 2022 में पर्वतारोहण में रेस्क्यू कोर्स भी पूरा किया। अब माउंट किलिमंजारो पर साइकिल से चढ़ाई कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड शहीद पिता की इस बेटी ने अभी अपना सिर्फ एक सपना पूरा किया है। दिल में न जाने कितने ख्वाब पाले प्रीति की सफलताओं का सफर लगातार जारी है। भगवान केदारनाथ पर अटूट आस्था रखने वाली प्रीति की सफलताओं का ये सफल लगातार जारी रहे, हमारी भी ये ही कामना है।