Joshimath sinking: पैनी नजर बनाए हुए हैं पीएम मोदी, लेटेस्ट रिपोर्ट में सामने आई चिंताजनक बातें

Joshimath sinking latest update: स्थिति यहां तक आ गई है कि जोशीमठ भू-धंसाव मामले की निगरानी पीएमओ से की जा रही है। पीएमओ की ओर से लगातार मामले में अपडेट लिया जा रहा है।
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joshimath sinking: Joshimath Sinking Landslide SDC Foundation Report
Image: Joshimath Sinking Landslide SDC Foundation Report

चमोली: जोशीमठ के लिए इन समय पूरा उत्तराखंड एकजुट होकर आवाज उठा रहा है।

Joshimath Sinking Landslide SDC Foundation Report

जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव से स्थिति लगातार बिगड़ रही है। भू-धंसाव ने सभी वार्डों को चपेट में ले लिया है। स्थिति यहां तक आ गई है कि जोशीमठ भू-धंसाव मामले की निगरानी पीएमओ से की जा रही है। पीएमओ की ओर से लगातार मामले में अपडेट लिया जा रहा है। क़ई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है। राज्य सरकार भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। एसडीसी फाउंडेशन ने उत्तराखंड में आने वाली प्रमुख प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं पर अपनी तीसरी रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, जोशीमठ में 500 घर रहने के लायक नहीं हैं। रिपोर्ट में जोशीमठ में लगातार हो रहे भूधंसाव को लेकर चिंता जताई गई है। आगे पढ़िए

Joshimath sinking latest update

एसडीसी फाउंडेशन की रिपोर्ट में कहा गया है कि शहर के 500 से ज्यादा घर रहने लायक नहीं हैं। वहीं जोशीमठ के लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है।जोशीमठ जाने वाले विशेषज्ञ दल में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) से डॉ. पीयूष रौतेला, उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र (यूएलएमएमसी) से डॉ. शांतनु सरकार, आईआईटी रुड़की से प्रो. बीके महेश्वरी, जीएसआई से मनोज कास्था, डब्ल्यूआईएचजी से डॉ. स्वपना मित्रा चौधरी और एनआईएच रुड़की से डॉ. गोपाल कृष्णा को शामिल किया गया है।