Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
चमोली: जोशीमठ में हालत बुरे हैं। पूरे शहर में दरारें पड़ रही हैं। शहर बुरी तरह धंस रहा है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह ने कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी परिवारों को सुरक्षित स्थानांतरित किया जाए।
धामी ने जोशीमठ भू-धंसाव के कारण अति संवेदनशील (डेंजर जोन) वाले क्षेत्रों में बने भवनों को तत्काल खाली कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावितों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ है और चरणबद्ध ढंग से संवेदनशील जगहों से सबको शिफ्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने हाल ही में राज्य सचिवालय में जोशीमठ में हो रहे भूस्खलन से पैदा हुए हालात की समीक्षा की और बैठक में धामी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोशीमठ गए विशेषज्ञ दल के सदस्यों से भी जुड़े। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सुरक्षित स्थान पर एक बड़ा अस्थायी पुनर्वास केंद्र बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तात्कालिक एक्शन प्लान के साथ ही दीर्घकालीन कार्यों में भी लंबी प्रक्रिया को समाप्त करते हुए डेंजर जोन के ट्रीटमेंट, सीवर तथा ड्रेनेज जैसे कार्य जल्द से जल्द पूरे किए जाएं। आगे पढ़िए
जोशीमठ भू-धंसाव की वजह से बेघर हुए लोगों को सरकार छह महीने तक चार हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान करेगी। जिला प्रशासन ने इसकी शुरुआत कर दी है। बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने इन निर्देशों पर तत्काल अमल करने को कहा है।सबसे पहले डेंजर जोन वाले क्षेत्र को तत्काल खाली करवाया जाए। तत्काल रूप से सुरक्षित स्थान पर अस्थायी पुनर्वास केंद्र बनाया जाए। इसी के साथ जोशीमठ में अविलंब आपदा कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। वहीं स्थायी पुनर्वास के लिए पीपलकोटी, गौचर सहित अन्य स्थानों पर जगह तलाशें। कम प्रभावित क्षेत्रों में भी तत्काल ड्रेनेज प्लान तैयार कर काम शुरू करें। इसी के साथ सहायता शिविरों में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएं। इसी के साथ उन्होंने जिलाधिकारी और प्रशासन को स्थानीय लोगों से निरंतर संपर्क में रहने के निर्देश दे दिए हैं।