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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के तौर पर विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार की कोशिशें जारी हैं, जिसके सफल नतीजे भी देखने को मिल रहे हैं।
इसी कड़ी में केंद्र ने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए इससे लगे तीन किमी के क्षेत्र पर एयर स्ट्रिप बनाने को सैद्धांतिक सहमति दी है। पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार से कई फायदे होंगे। ये क्षेत्र पंतनगर सिडकुल, काशीपुर सिडकुल और सितारगंज सिडकुल से जुड़ा है। कई कंपनियां ऐसी हैं, जिनमें टेक्निकल समस्या होने पर विदेश से विशेषज्ञों को बुलाया जाता है। प्रदेश की सीमा नेपाल और चीन से सटी है, ऐसे में सामरिक दृष्टि से भी यह अहम है। खुरपिया फार्म किच्छा को अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कोरीडोर के दायरे में लिया गया है। इसका सर्वे भी हो चुका है। राज्य सरकार ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट को लेकर भी केंद्र को जानकारी दी है।
केंद्र को बताया गया कि एयरपोर्ट से सटे हाथी गलियारे को नहीं हटाया जाएगा। इस प्रकरण को सिया (राज्य स्तरीय पर्यावरणीय प्रभाव आकलन प्राधिकरण ) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि अनुमति मिल सके। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश नजदीक हैं। ऐसे में अगर ये एयरपोर्ट इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना तो विदेश से आने वाले पर्यटकों काफी सुविधा मिलेगी। सचिव नागरिक उड्डयन दिलीप जावलकर का कहना है कि पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट स्थापित करने के लिए सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहे हैं। जौलीग्रांट के विषय में भी जल्द अड़चनें दूर होने की उम्मीद है। बता दें कि बीते साल अगस्त में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की थी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के सामने प्रदेश के दो एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के तौर पर विकसित करने का मुद्दा रखा था। इस दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया था।