कुंड से गुप्तकाशी जाना मतलब मौत को बुलावा! मनोज ढौंडियाल की मौत से घाटी में शोक की लहर

गुप्तकाशी से वापस जाते हुए कुंड बैराज पर एक डैम बना हुआ है, जो कि लोगों के लिए काल साबित हो रहा है।
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kund guptakashi highway lake : Kund Guptkashi Highway Dam Semi Village Cracks
Image: Kund Guptkashi Highway Dam Semi Village Cracks

रुद्रप्रयाग: विकास के नाम पर बन रहे डैम किस तरह पहाड़ के विनाश की वजह बन रहे हैं, ये हम सब देख रहे हैं। अभी जोशीमठ में हालात बिगड़े हैं, लेकिन खतरे की जद में दूसरे कई पहाड़ी शहर और कस्बे भी हैं।

Kund Guptkashi Highway Dam Semi Village Cracks

गुप्तकाशी से वापस जाते हुए कुंड बैराज पर भी एक डैम बना हुआ है, जो कि लोगों के लिए काल साबित हो रहा है, वो इसलिए क्योंकि यहां डैम तो बना दिया गया, लेकिन डैम के साइड में बनी सड़क पर रेलिंग नहीं लगाई गई। नतीजतन कई लोग यहां हादसे का शिकार हो जाते हैं। बीते दिनों यहां मनोज ढौंडियाल नाम के एक युवक की भी डैम में गिरने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मनोज मेरठ मे रहते थे। गुप्तकाशी से वापस लौटते वक्त उनकी बाइक तालाब में गिर गई थी। आगे पढ़िए

केदारनाथ हाईवे पर बने इस डैम की वजह से पहले भी कई बार हादसे हुए हैं। लोग बार-बार डीएम और अधिकारियों से शिकायत भी करते रहे हैं, लेकिन कोई सुनता नहीं। इतना ही नहीं डैम की सड़क से सटा सेमी गांव भी लगातार धंस रहा है। स्थानीय लोग डरे हुए हैं। लोगों का कहना है कि जब तक यहां हालात जोशीमठ जैसे नहीं होंगे, तब तक सरकार-प्रशासन की नींद नहीं टूटेगी। ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन सेमी गांव का अस्तित्व पूरी तरह मिट जाएगा, लेकिन आपदा यहीं नहीं रुकेगी। इसकी जद में दूसरे इलाके भी आएंगे, इसलिए सरकार को समय रहते एहतियाती कदम उठाने चाहिए।