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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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पौड़ी गढ़वाल: अंकिता हत्याकांड को 4 महीने बीत चुके हैं मगर अबतक उस वीआईपी का नाम सामने नहीं आया है जिसको स्पेशल ट्रीटमेंट देने के लिए अंकिता के ऊपर लगातार दबाव बनाया जा रहा था और उसको मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
पुलिस पुलकित से वीआईपी का राज उगलवाना चाहती है। इसके लिए पिछले दिनों न्यायालय में पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट के लिए अर्जी दी गई थी। अब अंकिता हत्याकांड के मुख्य आरोपी पुलकित आर्य का एक से तीन फरवरी के बीच पॉलीग्राफ टेस्ट किया जाएगा। टेस्ट का स्लॉट विशेषज्ञों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद आरोपी का नार्को टेस्ट भी किया जाना है। दरअसल पुलिस पुलकित से वीआईपी का राज उगलवाना चाहती है। यह वही वीआईपी है जिसकी वजह से अंकिता के ऊपर लगातार पुलकित और उसके दोस्त स्पेशल सर्विस देने का दबाव बना रहे थे और उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। इसी वजह से उन्होंने अंकिता की हत्या भी की थी। आगे पढ़िए
हत्या कांड के बाद से वीआईपी का नाम अब तक सामने नहीं आ पाया है मगर अब उम्मीद है कि जल्दी वीआईपी का नाम सामने आएगा ताकि उत्तराखंड की तमाम ऐसी जगहों पर चलने वाले इन घटिया रिजॉर्ट और होटलों का पर्दाफाश हो सके। इसके लिए पिछले दिनों न्यायालय में पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट के लिए अर्जी दी गई थी। केवल पुलकित ने ही अपनी शर्तों के आधार पर टेस्ट के लिए हामी भरी थी। इसके लिए पुलिस की ओर से केंद्रीय फोरेंसिक लैब से समय मांगा गया था। एडीजी कानून व्यवस्था वी मुरुगेशन ने बताया कि केंद्रीय फोरेंसिक लैब ने एक से तीन फरवरी के बीच का समय दिया है। इन तीनों दिनों में जिस वक्त भी विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे तभी टेस्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। इसके बाद नार्को टेस्ट के लिए भी लैब से अनुमति और समय मांगा जाएगा। ankita bhandari murder case में पुलकित से पूछने के लिए सवाल तैयार कर लिए गए हैं।