Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
नैनीताल: जोशीमठ के बाद अब नैनीताल की माल रोड पर लगातार दरारें पड़ रही हैं और खतरा तेजी से बढ़ रहा है। शहर की माल रोड पर करीब 10 मीटर लंबी दरारें पड़ गई हैं जो कि चिंता का विषय है।
वहीं लोक निर्माण विभाग इन दरारों को भरने के लिए डामर भरने का काम कर रहा है जो कि खानापूर्ति से कम नहीं है। बता दें लोअर माल रोड का 25 मीटर हिस्सा 18 अक्टूबर 2018 को भूस्खलन के चलते क्षतिग्रस्त हो गया था जिसके बाद से लगातार माल रोड के विभिन्न हिस्सों में दरारें पड़ रही हैं। पांच साल बीत जाने के बावजूद भी अब तक सड़क का स्थाई ट्रीटमेंट कार्य शुरू नहीं हो सका है और लोक निर्माण विभाग बस खानापूर्ति करने में जुटा हुआ है जिसके चलते लगातार माल रोड पर दरारें बढ़ रही हैं जिससे शहर की माल रोड पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।
विभाग ने माल रोड के स्थाई और सटीक उपचार जिम्मेदारी टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (टीएचडीसी) को दी. जिसके बाद टीएचडीसी की टीम ने नैनीताल पहुंचकर शहर की माल रोड का गहनता से निरीक्षण कर तीन करोड़ पचास लाख रुपए का प्रस्ताव बनाकर विभाग को दिया जिससे अब माल रोड का स्थाई उपचार हो सकेगा। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक गुप्ता का कहना है कि जिस स्थान पर सड़क में धंसाव हो रहा है उसके ठीक नीचे भारी भूजल का रिसाव हो रहा है। इससे मिट्टी को जोड़ कर रखने वाले पार्टिकल पानी के साथ घुल कर झील में समा रहे हैं. जिसके चलते माल रोड क्षेत्र में भू धंसाव हो रहा है। रोड के स्थाई उपचार के लिए तीन करोड़ पचास लाख रुपए की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की गई है और स्वीकृति के लिए प्रस्तावित है।