उत्तराखंड से यूक्रेन तक जुड़े फर्जी MBBS डिग्री के तार, पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा

uttarakhand fake mbbs degree ukraine connection एसआईटी को शक है कि कोरोना काल में जो भारतीय छात्र यूक्रेन से लौटे थे, उनके प्रमाणपत्र इमलाख ने ही तैयार किए हैं।
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Image: uttarakhand fake mbbs degree ukraine connection

देहरादून: पिछले दिनों उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कुछ फर्जी डॉक्टर पकड़े गए थे। इनके जरिए पुलिस बीएएमएस समेत अन्य जाली डिग्री बेचने वाले गिरोह तक पहुंची और गिरोह के सरगना इमलाख को पकड़ने में कामयाब रही।

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इमलाख की गिरफ्तारी के साथ ही उसके काले कारनामों की परतें खुलकर सामने आने लगी हैं। इमलाख के पास से मिनिस्ट्री ऑफ पब्लिक हेल्थ ऑफ यूक्रेन के दस्तावेज भी मिले हैं। ऐसे में एसआईटी को शक है कि कोरोना काल में जो भारतीय छात्र यूक्रेन से लौटे थे, उनके प्रमाणपत्र इमलाख ने ही तैयार किए हैं। एसआईटी इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। इमलाख रुपये लेकर किसी भी प्रदेश के विवि की डिग्री तैयार कर लेता था। उसके पास से दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक के शैक्षणिक संस्थानों के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इमलाख ने सिर्फ उत्तराखंड और यूपी ही नहीं दूसरे कई राज्यों में लोगों को डॉक्टरी की फर्जी डिग्रियां बनाकर दीं। आगे पढ़िए

मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर ने प्रेस कांफ्रेंस मे बताया कि आरोपी इमलाख के पास से 51 जाली मुहरें भी मिलीं हैं, इनसे वह जाली डिग्रियां तैयार करता था। बड़ी संख्या में विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालयों के दस्तावेज भी उसके पास से मिले हैं। चिकित्सकों के भारतीय चिकित्सा परिषद में पंजीकरण के प्रमाणपत्र, विश्वविद्यालयों के प्रिंटेड लिफाफे, लैटरपैड, प्रोविजनल प्रमाणपत्र, चिकित्सा दक्ष प्रमाणपत्र भी पाए गए हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इमलाख ने बड़ी संख्या में युवाओं को बीएएमएस के अलावा अन्य कोर्स की भी डिग्री बेची हैं। पुलिस अब जांच कर रही है कि इमलाख ने ये दस्तावेज कैसे हासिल किए, और अगर उसने इन्हें खुद तैयार किया है तो इनकी छपाई कहां कराई। इस बीच पुलिस ने एक और झोलाछाप डॉक्टर को पकड़ा है। आरोपी की पहचान राजेंद्र प्रसाद उनियाल निवासी ग्राम मजगांव, चंबा, टिहरी गढ़वाल के रूप में हुई है। राजेंद्र सिंह ने भी इमलाख से बैचलर ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथी मेडिसन एंड सर्जरी (बीईएमएस) की जाली डिग्री छह लाख रुपये में खरीदी थी। अब तक इस मामले में गिरोह के सरगना समेत 12 की गिरफ्तारी हो चुकी है।