Important instructions for building house in Haridwar हरिद्वार में घर बनाने के लिये ज़मीन खरीदने की सोच रहे हैं, तो हो जाइए सावधान
-
अनुष्का ढौंडियाल
-
Advertisement
Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination
Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.
Example Ads Media
Image: Important instructions for building a house in Haridwar
हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में भारी संख्या में कंस्ट्रक्शन हो रहा है। जगह-जगह कंस्ट्रक्शन होने से हरिद्वार में नामात्र के खेत रह गए हैं।
Important instructions for building house in Haridwar
मगर हरिद्वार में कुछ अवैध बस्तियां भी हैं जिनपर हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण कार्यवाही कर रहा है। अब तक कई अवैध कॉलोनियों पर सीलिंग की जा चुकी है। पिछले दो साल की बात करें, तो अब तक एचआरडीए के द्वारा अनेकों कॉलोनी पर सीलिंग की कार्रवाई की गई है। बता दें कि हरिद्वार में अवैध ज़मीन पर निर्माण बेहद बढ़ गया है। पहले जहां खेती होती थी, वहां भी अब कई मकान बनते जा रहे हैं। कुछ लोग नियमों को अनदेखा कर नई कॉलोनियां विकसित करते जा रहे हैं। प्रॉपर्टी डीलर भी सभी नियमों को दरकिनार कर नये आवासीय कॉलोनियों में प्लॉट बेच रहे हैं।हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण यानी एचआरडीए ऐसे लोगों पर समय-समय पर कार्रवाई करता रहता है। हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण के अधिकारी अवैध कॉलोनियों पर सीलिंग की कार्रवाई भी करते रहते हैं। इसके तहत विभाग के द्वारा अब तक कई अवैध कॉलोनियों को सीज किया जा चुका है। यदि पिछले दो साल की बात करें, तो अब तक एचआरडीए के द्वारा अनेकों कॉलोनी पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
बता दें कि शातिर प्रॉपर्टी डीलर अपने फायदे के लिए बिना नक्शा पास कराए नई कॉलोनियां विकसित करते हैं। इन पर कार्रवाई होने के बाद इसका सीधा असर वहां जमीन खरीदकर घर बनाने वालों को होती है। ऐसे में आप जब भी किसी कॉलोनी में घर बनाने के लिए जमीन खरीदें, तो सबसे पहले हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण में आकर यह मालूम कर लें कि क्या वो आवासीय कॉलोनी वैध है या नहीं।हरिद्वार में ऐसी अनेकों कॉलोनी हैं, जहां लोग घर बनाने के लिए जमीन खरीदते हैं. लेकिन, उन कॉलोनियों का नक्शा पास नहीं होने के कारण या फिर अन्य दस्तावेजों में कमी होने के चलते हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण के द्वारा कॉलोनियों पर सीलिंग की कार्रवाई की जाती है और लोगों का नुकसान हो जाता है।