प्रदेश की 29.8 फीसदी महिलाएं मोटापे से जूझ रही हैं। इस मामले में उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़ जैसे करीब 17 राज्यों के बाद 18वें नंबर पर है।
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कोमल नेगी
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Image: Obesity is increasing among women of Uttarakhand latest health survey report
देहरादून: हमारी अगली खबर महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी है। हम सभी ये जानते हैं कि मोटापा कई बीमारियों की जड़ है, चिंता वाली बात ये है कि उत्तराखंड की महिलाएं तेजी से मोटापे की शिकार हो रही हैं।
Obesity increasing among women of Uttarakhand
उनमें पुरुषों के मुकाबले मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। यहां पुरुषों में 27.1 फीसदी और महिलाओं में 29.8 फीसदी मोटापे की समस्या पाई गई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की 2015-16 और 2019-20 में आई रिपोर्ट को आधार बनाते हुए भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने यह रिपोर्ट जारी की है। मंत्रालय की ओर से जारी वीमेन एंड मैन इन इंडिया-2022 रिपोर्ट में बताया गया है कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2015-16 में 18.9 फीसदी पुरुष व 20.6 फीसदी महिलाओं में ही मोटापा देखा गया था, जबकि 2019-21 की रिपोर्ट में पुरुषों की संख्या 22.9 फ़ीसदी और महिलाओं की संख्या 24 फीसदी तक पहुंच गई।
Latest health survey report on Uttarakhand women
गौरतलब है कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2019-21 उस समय हुआ था, जब लोग कोरोना और लॉकडाउन के चलते घरों में बंद रहने को मजबूर थे। प्रदेश की 29.8 फीसदी महिलाएं मोटापे से जूझ रही हैं। इस मामले में उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़ जैसे करीब 17 राज्यों के बाद 18वें नंबर पर है। वही राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों के मुकाबले उत्तराखंड की महिलाओं में मोटापा काफी अधिक है। स्वास्थ्य महानिदेशक उत्तराखंड डॉ. विनीता शाह ने कहा कि मोटापे के पीछे अनियमित खानपान और खराब लाइफस्टाइल जैसे कई कारण हो सकते हैं। विभाग को अगर कहीं से इस तरह की रिपोर्ट प्राप्त होती है, तो समस्या के निवारण के प्रयास किए जाएंगे। मोटापा दिल की बीमारियों और डायबिटीज समेत कई रोगों के जोखिम को बढ़ा देता है, इसलिए योग और एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्चा में शामिल करें। स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।