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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: पिथौरागढ़ के बेरीनाग क्षेत्र के तमोली ग्वीर गांव की शिवानी के पास एम्बुलेंस का किराया नहीं होने के कारण, शिवानी हल्द्वानी से अपने भाई के शव के एक जीप के छत पर बांध के गांव गांव तक लाई। इस घटना ने हर किसी को झकझोर के रख दिया। जिसके बाद अब प्रशासन राज्य में शवों के लिए मुफ्त एम्बुलेंस की व्यवस्था करने की योजना बना रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना के बाद इस विषय पर विभाग से पूरी जांच करने और आगे की कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री निर्देशन के बाद विभाग ने सभी जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों के स्तर पर क्या व्यवस्था है? आगे क्या किया जा सकता है? इस संबंध में समूची जानकारी मांगी। दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने सम्बन्ध में पूरी जानकारी की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी इस सम्बन्ध में निर्देश जारी किए हैं। मंत्री के निर्देशन पर अब राज्य में शवों को घरों तक पहुंचाने के लिए विभाग द्वारा मुफ्त एंबुलेंस उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर कार्य किया जा रहा है। एमएस डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि राज्य में अब तक शवों के लिए मुफ्त एंबलेंस की व्यवस्था लागू नहीं की गई थी। लेकिन अस्पतालों में एक शव वाहन और ड्राइवर रहता है। इस सम्बन्ध में पहले भी एक प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसमें मुफ्त व्यवस्था के लिए एक एंबुलेंस, एक ड्राइवर एवं बजट की व्यवस्था की मांग की गई थी। लेकिन शासन ने इस मामले में कोई कार्य नहीं किया।