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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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उत्तरकाशी: अक्षय तृतीय के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसी के साथ चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है।
यात्रा के पहले दिन जहां श्रद्धालुओं में खूब उत्साह दिखाई दिया, वहीं एक दुखद घटना भी सामने आई है। शनिवार को यमुनोत्री धाम के दर्शन करने जा रहे एक श्रद्धालु की हार्ट अटैक से मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जिला आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार कनक सिंह पुत्र सोबन सिंह उम्र 62 वर्ष जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम की यात्रा पर निकले थे। वो घोड़े पर सवार हो कर यात्रा के लिए जा रहे थे। भैरो मंदिर के समीप कनक सिंह लघुशंका के लिए ठहरे। तभी उनके सीने में तेज दर्ज होने लगा। थोड़ी ही देर में वो बेहोश हो गए। आगे पढ़िए
आनन-फानन में उन्हें यात्रा अस्पताल जानकी चट्टी पहुंचाया गया, लेकिन अफसोस कि कनक सिंह बच नहीं सके। अस्पताल लाए जाने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। कनक सिंह गुजरात के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी। उन्हें सांस संबंधी बीमारी भी थी। हाई एल्टीट्यूड में सांस संबंधी परेशानी की वजह से उनकी मौत हो गई। कनक सिंह के साथ हुई घटना के बारे में उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। चारधाम यात्रा विश्व की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक है। अगर आप भी यात्रा पर जा रहे हैं तो पहले अपने स्वास्थ्य की जांच जरूर करा लें। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी चारधाम यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं की जांच के इंतजाम किए गए हैं।