डॉक्टरों ने कहा कि पार्वो वायरस तेजी से फैलता है और समय पर इलाज नहीं मिले तो कुत्ते की जान भी जा सकती है।
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कोमल नेगी
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Image: uttarakhand pet dog parvo virus disease
देहरादून: हमारी अगली खबर आपके पालतू कुत्ते की सुरक्षा से जुड़ी है। इन दिनों बदलता मौसम सिर्फ इंसानों को ही नहीं, बल्कि बेजुबानों को भी बीमार कर रहा है।
Uttarakhand pet dog parvo virus disease
कुत्तों में पार्वो संक्रमण तेजी से फैल रहा है, ऐसे में पशु मालिकों को सावधान रहने की जरूरत है। हल्द्वानी के पशु चिकित्सकों का कहना है कि जो लोग अपने घरों में कुत्ते पालते हैं, उन्हें सचेत रहने की जरूरत है। पालतू कुत्तों सहित आवारा कुत्तों में पार्वो वायरस तेजी से फैल रहा है। इन दिनों जिस तरह का मौसम बना हुआ है, उससे संक्रमण का प्रसार तेजी से हो रहा है। हल्द्वानी के पशु अस्पताल में हर दिन 40 से 50 पशु प्रेमी अपने पालतू कुत्तों को लेकर ओपीडी में पहुंच रहे हैं। कई केस तो ऐसे भी पाए गए, जिनका इलाज ही संभव नहीं है। आगे पढ़िए
पार्वो के बाद कुत्ते कैनाइन डिस्टेंपर और हीट स्ट्रोक की चपेट में आ रहे हैं। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके पाठक ने बताया कि इस वायरस से ग्रसित कुत्तों में प्रमुख लक्षण खून की उल्टी या दस्त होना देखे गए हैं। जिन कुत्तों में ऐसे लक्षण मिले उसके मालिक को तत्काल उसका खाना-पानी रोक देना चाहिए। पार्वो बीमारी से बचाव के लिए कुत्तों को सलाइन चढ़ाया जाता है। साथ ही एंटीवायरल और एंटीबायोटिक दवाइयां दी जाती हैं। डॉक्टरों ने कहा कि ये वायरस तेजी से फैलता है और समय पर इलाज नहीं मिले तो कुत्ते की जान भी जा सकती है। जो लोग अपने घर में कुत्ते पालते हैं, उन्हें सावधान रहने की जरूरत है। बड़े कुत्तों की अपेक्षा पार्वो वायरस कम उम्र के कुत्तों के लिए ज्यादा घातक है। क्योंकि यह वायरस उन्हें बहुत जल्द अपनी जद में ले लेता है। पार्वो एक घातक बीमारी है। इसलिए लक्षण दिखने पर देरी न करें, इलाज के लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।