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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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इससे यह तो साफ हो गया है कि वन भूमि किसी की निजी संपत्ति नहीं है। यह सरकार की भूमि है और इसपर अवैध कब्जा कर के निर्माण करने वालों को आज नहीं तो कल सबक जरूर मिलेगा। वन विभाग ने बीती मंगलवार की रात्रि को रिजर्व फॉरेस्ट में बनी सात मजारों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। यह इतनी गुपचुप तरीके से हुई कि आसपास के लोगों को भी भनक नहीं लगी। ध्वस्त किए गए मजारों में दो लांघा रेंज में थे और पांच तिमली रेंज में थे।दरअसल उत्तराखंड सरकार अब सरकारी जमीनों पर कब्जा किए हुए निर्माण को ध्वस्त करने में जुटी हुई है। आगे पढ़िए
दरअसल कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग अंतर्गत लांघा रेंज के बटोली अनुभाग के अंतर्गत बटोली में वर्षों पूर्व बनी दो मजारें थी। एक मजार के ऊपर एक लेंटर तक पड़ा था। बीती रात्रि रेंज अधिकारी दीपक गैरोला वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी की मदद से दोनों मजारों को ढहा दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में करीब दो घंटे का समय लगा। रेंज अधिकारी ने बताया कि रेंज में दो मजारें थी, जिन्हें हटा दिया गया है। वहीं तिमली रेंज अंतर्गत बीते रात्रि कार्रवाई कर पांच मजारों को हटाया गया। तीन मजार माजरी और एक-एक मजार शाहपुर कल्याणपुर और धौला बीट से हटाई गई। तिमली रेंज में अब तक 15 मजारों को हटाया जा चुका हैं। वन विभाग पहले भी फोरेस्ट रेंज में हुए कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर चुका है।