उत्तराखंड में दौड़ेगी देश की पहली पॉड टैक्सी, 1 साल में होगा 154 करोड़ का फायदा

उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने किया दावा, पॉड टैक्सी से एक साल में 154 करोड़ रुपये का होगा फायदा-
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Uttarakhand pod taxi : Indias first pod taxi will run in Uttarakhand
Image: Indias first pod taxi will run in Uttarakhand

हरिद्वार: हरिद्वार पॉड टैक्सी..... उत्तराखंड सरकार का एक बड़ा प्रोजेक्ट है जो कि धीरे धीरे आकार लेता दिख रहा है।

Indias first pod taxi will run in Uttarakhand

क़ई लोग इस प्रोजेक्ट से संतुष्ट हैं तो क़ई इसके विरोध में हैं। इस बीच उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने यह दावा किया है कि इससे लोगों को एक साल में 154 करोड़ रुपये का फायदा होगा। यह दावा उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूएमआरसी) ने अपनी रिपोर्ट में किया है। टेक्निकल टीम का दावा है कि इस योजना से हर साल 154 करोड़ रुपये बचेंगे। इसमें समय, जाम, पेट्रोल और डीजल से बचने वाले रुपये का आकलन किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि इससे लोगों का समय बचेगा, जिससे लोगों को 69.6 करोड़ रुपये की बचत का अनुमान लगाया है। दावा है कि इसके साथ ही 20 करोड़ रुपये से अधिक का सालाना पेट्रोल और डीजल बचेगा। उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन रिपोर्ट में बताया गया कि हर साल रुपये की बचत बढ़ती जाएगी। पहले साल 154 करोड़, दूसरे 170 करोड़ और 2051 यही बचत 1764 करोड़ रुपये की होगी।

इसे देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार के लिए तैयार हो रही मेट्रो रेल परियोजना से जोड़कर विकसित किया जा रहा है। पॉड टैक्सी योजना का मुख्य डिपो ऋषिकुल चौराहा के पास स्थित ऋषि कुल मैदान में कुल 1.74 हेक्टेयर में स्थापित किया जाएगा। हरिद्वार के ज्वालापुर के अंतिम छोर से भारत माता मंदिर और दक्ष प्रजापति मंदिर से लेकर लक्सर रोड कुल 4 कॉरिडोर बनाए जाएंगे. इन कॉरिडोर में 20.4 किलोमीटर लंबा ट्रैक होगा और यहां पॉड टैक्सी चलाई जाएगी। इस रूट पर जो प्रमुख स्टेशन होंगे उनमें सीतापुर, ज्वालापुर, आर्य नगर, रामनगर, रेलवे स्टेशन, हरकी पैड़ी, खड़खड़ी, मोतीचूर, शांतिकुंज, भारत माता मंदिर, गणेशपुरा मंदिर, जगजीतपुर और लक्सर शामिल हैं। बताया जा रहा है कि डेढ़ साल के अंदर यह प्रोजेक्ट पूरा किया जाएगा।