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कोटद्वार: एक तरफ बाघों को बचाने की मुहिम चल रही है तो वहीं देश के अलग-अलग हिस्सों से बाघों की मौत की खबरें लगातार सुनाई दे रही हैं।
कोटद्वार के कार्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग की सोनानदी रेंज में भी एक बाघ का शव बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि बाघ की मौत आपसी संघर्ष के दौरान हुई है। घटना वन प्रभाग की सोनानदी रेंज की है। जहां कालू शहीद पश्चिमी बीट में वन कर्मियों को एक बाघ का शव मिला। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। जिसके बाद प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। बाघ का पोस्टमार्टम करा दिया गया है।
मृत बाघ का पशु चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम किया। टीम में सीटीआर के पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत कुमार, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीएम गुप्ता व डॉ. राजेश कुमार शामिल रहे। बाघ की मौत की वजह जानने के लिए उसके अलग-अलग अंगों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि मृत बाघ नर है व उसकी आयु करीब सात साल है। मृत बाघ के शरीर व पिछले पैरों पर गहरे नाखूनों के निशान पाए गए हैं। शुरुआती जांच में बाघ की मौत आपसी संघर्ष में होना बताई जा रही है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लैब से रिपोर्ट आने के बाद ही बाघ की मौत की असली वजह का पता चल सकेगा।