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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
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रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रियों के सफर को आसान बनाने के लिए बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
इसी कड़ी में गौरीकुंड (केदारनाथ) हाईवे से बदरीनाथ हाईवे को जोड़ने के लिए रुद्रप्रयाग-पोखरी मोटर मार्ग पर सुरंग बनाई जा रही है। परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। रुद्रप्रयाग बाइपास परियोजना की सुरंग आकार लेने लगी है। इस सुरंग के बनने से कालीमठ सहित घाटी के प्राचीन मठ-मंदिरों तक श्रद्धालुओं की पहुंच बढ़ेगी। इतना ही नहीं रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी। गौरीकुंड हाईवे पर लोनिवि कालोनी और बेलणी के पास पोखरी मोटर मार्ग से 50-50 मीटर सुरंग की खोदाई का कार्य पूरा हो चुका है। दोनों ओर से सौ मीटर सुरंग की खोदाई हो पूरी चुकी है और अब शेष 800 मीटर की खोदाई होनी है। रुद्रप्रयाग बाइपास निर्माण को साल 2003-2004 में स्वीकृति मिली थी। प्रथम चरण में काम तो शुरू हुआ, लेकिन बजट मंजूर न होने की वजह से काम आगे नहीं बढ़ सका था।
लंबे इंतजार के बाद वर्ष 2021 में परियोजना के दूसरे चरण के लिए 156 करोड़ के बजट को मंजूरी मिली और दिसंबर 2022 से लोनिवि एनएच ने बाइपास निर्माण का कार्य शुरू कर दिया। वर्तमान में बाइपास के दोनों छोर से सुरंग की खोदाई का कार्य चल रहा है। परियोजना के तहत रुद्रप्रयाग शहर से एक किमी दूर गौरीकुंड हाईवे पर लोनिवि कॉलोनी के पास से रुद्रप्रयाग-पोखरी मोटर मार्ग पर बेलणी के पास तक 900 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण होना है, जो अलकनंदा नदी पर बनने वाले 190 मीटर लंबे पुल के जरिये बदरीनाथ हाईवे से जुड़ेगी। अलकनंदा नदी पर बनने वाले आरसीसी मोटर पुल के लिए दोनों साइट से बुनियाद तैयार करने का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह पुल बाईपास को रुद्रप्रयाग से दो किमी आगे बदरीनाथ हाईवे से जोड़ेगा। लोनिवि एनएच ने सितंबर 2025 तक Kedarnath Badrinath Highway tunnel परियोजना का कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है।