टिहरी: अब जाकर ली टिहरी धाम के कारण घर छोड़ कर आए लोगों की सुध, टीएचडीसी ने टिहरी बांध से 3 गांवों के प्रभावित परिवारों के लिए जारी की 100 करोड़ की धनराशि
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अनुष्का ढौंडियाल
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Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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Image: Rs 100 crore released for Tehri dam affected three villages
टिहरी गढ़वाल: टिहरी से गुजरते वक्त टिहरी बांध के दर्शन तो आपको जरूर होते होंगे। मगर इस बांध के पीछे सैकड़ों लोगों के आंसू हैं, उन लोगों के दुख दर्द हैं, जिनको अपना घर हमेशा हमेशा के लिए छोड़ना पड़ा।
100 crore released for Tehri dam affected villages
आज भी जब वे लोग टिहरी बांध देखते हैं तो उनको अपने पुराने घर याद आते हैं, उनको घरों में बिताए हुए पल याद आते हैं। मगर यह सब पुरानी बातें हैं। सरकार को केवल विकास करना है। अब भले ही उस विकास के बीच में मनुष्य की भावनाएं ही क्यों ना जाए, उससे फर्क नहीं पड़ता है। टिहरी बांध बनने के और सैकड़ों परिवार के विस्थापन होने के इतने सालों के बाद आखिरकार सरकार ने उन लोगों की सुध ली है। सरकार ने टिहरी बांध प्रभावित 415 परिवारों के विस्थापन के लिए केंद्र बनाए हैं। सरकार ने जनवरी 2021 में 252 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की थी। यह परिवार कई सालों से विस्थापन की मांग करते आ रहे थे। सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने इसके लिए विशेष पैरवी की थी। आगे पढ़िए
टीएचडीसी ने पहले चरण में नंदगांव, खांड-धारमंडल, गडोली आदि गांवों के प्रभावित परिवारों के लिए 96 करोड़ रुपये जारी किए थे। लेकिन इसके बाद पुनर्वास विभाग और टीएचडीसी में धनराशि समायोजन को लेकर पत्रावली चलती रही. प्रतापनगर विधायक विक्रम नेगी ने इस संबंध में टीएचडीसी और पुनर्वास के अधिकारियों की बैठक लेते हुए धनराशि जारी करने की मांग की थी। टिहरी बांध प्रभावित संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा और प्रदीप भट्ट ने कहा कि पुनर्वास विभाग को चाहिए कि विस्थापन की प्रक्रिया जल्द शुरू करे। साथ ही शेष परिवारों की समस्याएं भी हल हों। विभाग के ईई धीरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि टीएचडीसी ने सिल्ला उप्पू के 14, भटकंडा - लुणेटा के 25 और उठड़ के 17 कुल 56 परिवारों के विस्थापन के लिए 100 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि उक्त परिवारों की पात्रता का विभाग ने मूल्यांकन पहले ही कर दिया था। अब प्रति परिवार को 74 लाख रुपये की धनराशि के वितरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।