राज्य के 12 शहरों में पहाड़ों को काटकर टनल पार्किंग बनाई जाएगी, ताकि पार्किंग संबंधी समस्या का समाधान हो सके।
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कोमल नेगी
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Image: Uttarakhand 12 City Tunnel Parking Project
देहरादून: उत्तराखंड की छवि पर्यटन प्रदेश की है। हर साल लाखों पर्यटक यहां पहुंचते हैं, लेकिन इस दौरान उन्हें पार्किंग संबंधी परेशानी से दो-चार होना पड़ता है।
Uttarakhand 12 City Tunnel Parking Project
इस समस्या के समाधान के लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों में टनल पार्किंग बनाने की योजना है। पहली टनल पार्किंग मसूरी स्थित कैंप्टीफाल में बनेगी। 12 शहरों में पहाड़ों को काटकर टनल पार्किंग बनाई जाएगी, ताकि पार्किंग संबंधी समस्या का समाधान हो सके। किस जिले में कितनी टनल पार्किंग बनेंगी, ये भी बताते हैं। पौड़ी में दो, टिहरी में छह, उत्तरकाशी में दो और नैनीताल में दो पार्किंग बनाई जानी हैं। प्रदेश की पहली टनल पार्किंग कैंप्टीफाल में टिहरी-कैंप्टीफाल मसूरी, मसीही मसूरी रोड के सामने बनाई जाएगी। जिन पर्वतीय जिलों में पार्किंग के लिए बड़ा मैदान उपलब्ध नहीं है, वहां पहाड़ों के भीतर ही टनल से पार्किंग का काम लिया जाएगा। ये पार्किंग ऐसी बनाई जाएंगी कि एक तरफ से वाहन पार्किंग के लिए घुसेगा और दूसरी सड़क पर बाहर निकल जाएगा। पौड़ी में लक्ष्मणझूला और देवप्रयाग रेलवे स्टेशन के पास सौड़ में टनल पार्किंग बनेगी।
इसी तरह टिहरी में ओल्ड टिहरी रोड कूड़ाघर के सामने चंबा, नैनबाग धनौल्टी, छिलेड़ी गांव तेगड़ जार और थत्यूड़ बाजार में टनल पार्किंग बनाई जाएगी। उत्तरकाशी में गंगोत्री और गंगनानी में पार्किंग बनेगी। जबकि नैनीताल में नैनीताल भवाली रोड पर कैंट बोर्ड की जमीन और नेशनल ऑब्जर्वेटरी के पास पार्किंग बनाने की योजना है। पहली टनल पार्किंग मसूरी में बनने जा रही है। जिसकी 120 करोड़ की डीपीआर तैयार हो चुकी है। इसी महीने अपर मुख्य सचिव और मुख्य सचिव के सामने इसका प्रस्तुतिकरण होगा। माना जा रहा है कि जल्द ही इसे स्वीकृति मिल जाएगी। इस पार्किंग में 400 वाहनों को पार्क करने की सुविधा मिलेगी। बाकी टनल पार्किंग की डीपीआर भी तैयार की जा रही है।