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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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नैनीताल: नैनीताल जाने वाले यात्री ध्यान दीजिए। भारी भीड़ है, भारी जाम है, वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं और होटल लगभग फुल हो चुके हैं।
शुक्रवार के बाद से नैनीताल की रोडवेज बसों में चढ़ने के लिए यात्रियों में होड़ मची रही। कोई खिड़की से ही अपना बैग रखकर सीट घेरने की कोशिश करते नजर आया, तो कोई चलती बस में ही चढ़ने को तैयार दिखता नजर आया। अधिकांश यात्री दिल्ली से नैनीताल का सफर करने वाले थे। दिल्ली से नैनीताल के लिए रोडवेज की रोजाना 11 बसें चलती हैं। भीड़ बढ़ने पर नैनीताल के लिए आठ अतिरिक्त बसें दिल्ली भेजी गईं। इसके अलावा नैनीताल रूट पर पांच अतिरिक्त बसें भेजनी पड़ीं। नैनीताल आने वाले सैलानियों की संख्या बढ़ती जा रही है। आगे पढ़िए
नैनीताल के लिए बसें कम हैं, इसलिए यात्रियों को अक्सर परेशान होना पड़ रहा है। यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए एक्स्ट्रा बसें भी लगाई गईं हैं। सभी बसों में सीट के हिसाब से यात्रियों को भेजा जा रहा है। इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि बसें ओवरलोड ना हों। नैनीताल में वीकेंड पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने रूसी बाईपास और नारायण नगर में वाहनों को रोक कर पर्यटकों को शटल सेवा से नैनीताल भेजा। नैनीताल के अधिकांश होटल पैक हैं। नैनीताल क्लब समेत अन्य सरकारी गेस्ट हाउस में एक-एक कमरा लेने के लिए वीवीआइपी में कड़ी मशक्कत चल रही है। शुक्रवार को सुबह से ही पर्यटक वाहनों की आमद शुरू हो गई, जो शनिवार तक जारी रही।