उत्तराखंड: 1998 से सफाई के इंतजार में भीमताल, पानी कम होने से मल्लीताल छोर पर दिखने लगे डेल्टा

भीमताल झील का मल्लीताल छोर पर धीरे-धीरे डेल्टा मैदान में झील परिवर्तित होते दिखाई देने लग गई है। दिनों-दिन झील का पानी प्रदूषित होता जा रहा है और गाद-मिट्टी भरने से झील की गहराई भी कम हो रही है।
Advertisement ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
भीमताल झील: Bhimtal has not been cleaned for 27 years
Image: Bhimtal has not been cleaned for 27 years

नैनीताल: भीमताल झील की सफाई का मामला लगभग 3 दशक से अधर पर लटका हुआ है। नगरवासी एवं पर्यटन व्यवसायी झील की सफाई न होने व उसमें दिखने वाले डेल्टा एवं झील का जलस्तर कम होने से काफी चिंतित हैं।

Bhimtal has not been cleaned for 27 years

सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी अब तक कई बार नैनीताल जिला प्रशासन को भीमताल झील की इस मुख्य समस्या से अवगत करा चुके हैं। साथ ही झील के लिए विशेष योजना एवं बजट स्वीकृति की भी मांग कर चुके हैं। उन्होंने अब तक विभाग, जिला प्रशासन राज्य सरकार को अपने पत्रों में बताया है कि झील में हर साल गाद-मिट्टी भरने से झील संकरी हो रही है और झील के पानी की स्टोरेज क्षमता कम हो रही है। झील के जल स्रोत सूख रहे हैं।
विभागीय सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि 1985 में झील की गहराई 22 मीटर थी, जबकि वर्तमान में घटकर 17 मीटर ही रह गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2006 में भीमताल झील का पानी भी पीने योग्य नहीं बताया है। झील की पिछली बार सफाई 1998 में हुई थी।