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बागेश्वर: उत्तराखंड में मौसम ने करवट बदल ली है। उच्च हिमालय क्षेत्रों में लगातार बरसात से नदियों और नालों में उफान आ गया है।
हिमालयी गांवों में बीती बुधवार की रात से झमाझम वर्षा हो रही है। बागेश्वर जिले में लगातार हुई बारिश से स्थिति बदल गई है। गुरुवार की सुबह सरयू नदी का जलस्तर एकाएक बढ़ गया। नदी में तख्ते बालियां बहकर आने लगी। कपकोट मोटर मार्ग पर कभड़ भ्योल के समीप पत्थर गिरने लगे हैं। गुरुवार सुबह तक हिमालयी गांवों में वर्षा की सूचना है। वहीं बागेश्वर की गरुड़ तहसील क्षेत्र में वर्षा नहीं होने से गोमती नदी में पानी की कमी हो गई है। बैजनाथ झील में पानी की कमी से नोकायन प्रभावित हो गया है। आगे पढ़िए
ऐसे झील सूखने से पर्यटकों को नोकायन का लाभ नहीं मिल रहा है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। आपदा कंट्रोल रूम अलर्ट है। वहीं उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में आज बारिश के साथ ही प्री-मानसून दस्तक देगा। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश होगी। उत्तराखंड में 25 जून को पूरी तरह से मानसून प्रवेश कर जाएगा। मौसम विभाग की ओर से 22 जून को प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में बारिश, गर्जन और झोंकेदार हवाओं का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और उत्तरकाशी में तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 22 और 23 जून को पर्वतीय जनपदों में कहीं-कहीं भारी बारिश और मैदानी इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।