पीटीआई ने युवाओं को कड़ी मेहनत के बजाय स्टेरॉयड लेने के लिए उकसाया, यही नहीं एक इंजेक्शन के 600 से 4800 रुपये वसूले गए।
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कोमल नेगी
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Image: Steroids given to boys at Ranikhet Army Training Center
अल्मोड़ा: सेना में भर्ती के लिए उत्तराखंड के युवाओं में खूब जुनून दिखता है। युवा इसके लिए सालों साल तैयारी करते हैं, ताकि अपने सपने को पूरा कर सकें, लेकिन युवाओं के इन्हीं सपनों को कुछ लोगों ने अपना धंधा बना लिया है।
Steroids given to boys at Ranikhet
ये लोग युवाओं को कड़ी मेहनत करने के बजाय शॉर्टकट रास्ता दिखा रहे हैं। रानीखेत में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां सेना भर्ती का प्रशिक्षण ले रहे युवाओं को स्टेरायड का इंजेक्शन दिया जा रहा था। युवाओं को कड़ी मेहनत के बजाय ताकत बढ़ाने को स्टेरायड लेने के लिए उकसाया जा रहा था। मामला तब खुला जब एक प्रशिक्षु का स्वास्थ्य बिगड़ने पर उसे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। अब प्रशिक्षण केंद्र चलाने वाले संचालक ने आरोपी पीटीआई के खिलाफ खुद केस दर्ज कराया है। आरोपी पीटीआई फरार है। आगे पढ़िए
Ranikhet Army Training Center Steroids
पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि मुख्य प्रशिक्षक की गैरमौजूदगी में वैकल्पिक व्यवस्था पर रखे गए अस्थाई पीटीआई ने युवाओं को कड़ी मेहनत के बजाय ताकत बढ़ाने को स्टेरायड लेने के लिए उकसाया। यही नहीं एक इंजेक्शन के 600 से 4800 रुपये वसूले गए। रानीखेत स्थित केंद्र में विभिन्न क्षेत्रों के युवा ट्रेनिंग लेते हैं। केंद्र संचालक के अनुसार हल्द्वानी निवासी मुख्य पीटीआइ मनीष गोस्वामी स्वास्थ्य खराब होने पर बीती 10 मई को छुट्टी पर गया था, तब उन्होंने रविंद्र कुमार नाम के पूर्व खिलाड़ी को कुछ दिनों के लिए पीटीआई की जिम्मेदारी सौंप दी। 18 जून को रामनगर के एक प्रशिक्षु की तबीयत बिगड़ गई। तब पता चला कि रविंद्र कुमार युवाओं को स्टेरॉयड लेने को कह रहा था। मामले को लेकर पुलिस ने कहा कि आरोपी को कोतवाली बुलवाया गया है। जांच जारी है।