एसडीआरएफ ने दोनों की तलाश के लिए गहरे अंधेरे में सर्च ऑपरेशन चलाया, हालांकि टीम के पहुंचने से पहले ही युवक-युवती की मौत हो चुकी थी।
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कोमल नेगी
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Brother and sister death in Almora suyal river
अल्मोड़ा: मानसून की दस्तक के साथ ही प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इस दौरान जगह-जगह हादसे भी हो रहे हैं। अल्मोड़ा में भी एक ऐसा ही हादसा सामने आया है।
Brother and sister death in Almora suyal river
यहां नदी में डूबने से एक भाई-बहन की मौत हो गई। घटना के बाद से घर में कोहराम मचा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दुखद बात ये भी है कि कुछ साल पहले ही इनके पिता की भी मृत्यु हो चुकी थी। भाई बहन आदित्य नेगी और भावना नेगी सोमवार को ऑनलाइन से आए सामान को लेने के लिए घर से सड़क तक आए थे। सामान लेने के बाद वह घर न जाकर घर के पास ही स्थित विश्वनाथ सुयाल नदी में नहाने निकल गए। इस दौरान घर वाले बाजार गए हुए थे। जब परिजन घर लौटे तो इसकी जानकारी परिजनों को नहीं थी कि वह कहां गए है। दोनों देर शाम तक घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। परिजनों ने अल्मोड़ा कोतवाली में देर शाम उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत उनके फोन सर्विलांस में लगाए तो उनके फोन की लोकेशन विश्वनाथ भैसौड़ा फार्म के आस पास सुयाल नदी की मिली। मौके पर पहुंचे तो गढ़ देवी मंदिर के पास दोनों के चप्पल और कपड़े मिले। जिसके बाद पुलिस ने नदी में ढूंढना शुरू किया। रात 1 बजे दोनों शवों को नदी से बाहर निकाला गया। आगे पढ़िए
Aditya negi Bhavna negi death by drowning
हादसे में जान गंवाने वालों में आदित्य नेगी और भावना नेगी शामिल हैं। आदित्य 16 साल का था, जबकि बहन भावना की उम्र 17 साल बताई जा रही है। दोनों अल्मोड़ा के बक गांव के रहने वाले हैं। अचानक हुई घटना के बाद से आदित्य और भावना के घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के आंसू नहीं थम रहे। उत्तराखंड में लगातार जारी बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, आप भी सावधान रहें। बरसात के मौसम में नदियों-पोखरों में नहाने के मोह से बचें। नदियों का जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है, इसलिए नदियों से फिलहाल दूर ही रहें। नदी किनारे लगे सुरक्षा निर्देशों का पालन जरूर करें।