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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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नैनीताल: उत्तराखंड में आफत की बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जगह-जगह पहाड़ टूटकर सड़कों पर गिर रहे हैं, नदी-गदेरे उफनाए हुए हैं।
चलिए सबसे पहले सड़कों का हाल बताते हैं। प्रदेश में 11 राजमार्ग समेत कुल 126 सड़कें बंद हैं। इससे चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है। लोनिवि ने सड़कें खोलने के लिए जेसीबी समेत कुल 119 मशीनें तैनात की हुई हैं। सड़कों को खोलने के काम में अभी तक 1259.48 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि सड़कों को पहले जैसी स्थिति में लाने के लिए 1374.68 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। लोनिवि के प्रमुख अभियंता दीपक यादव के अनुसार इस मानसून सीजन में अभी तक 883 सड़कें बंद हुईं हैं, इनमें से 757 सड़कों को खोल दिया गया है। उधर, पिथौरागढ़ में मुनस्यारी तहसील की बोना नदी का जल प्रवाह मलबा गिरने से रुक गया है।
प्रवाह रुकने से नदी ने झील का आकार ले लिया है। इससे कई गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। आज भी बारिश से राहत नहीं मिलने वाली। कुमाऊं क्षेत्र में आज भी कहीं-कहीं भारी बारिश के आसार हैं। प्रदेश के अन्य इलाकों में बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कुमाऊं क्षेत्र के कुछ इलाकों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके चलते संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और चट्टान गिरने से सड़क और राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं। नालों-नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने जिलों को अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। आप भी मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा शुरू करें। बारिश के दौरान नदी-नालों के आसपास जाने से बचें।