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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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रुद्रप्रयाग: केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे के लिए पॉवर सप्लाई सिस्टम को मजबूत करने की कवायद चल रही है और इसके लिए ऊर्जा निगम ने 190 करोड़ का बजट उपलब्ध कराने की मांग की है।
पर्यटन विभाग से बजट उपलब्ध कराया जाएगा। रोपवे प्रोजेक्ट में बिजली से जुड़े कार्यों की समीक्षा कर रहे मुख्य सचिव एसएस संधू और हेमकुंड साहिब रोपवे प्रोजेक्ट बनने के बाद बिजली का लोड बढ़ जाएगा। यह मौजूदा बिजली सिस्टम में संभव नहीं है। इसके लिए पॉवर सप्लाई सिस्टम को मजबूत करना होगा। बिजली की लाइन और ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ानी होगी। 24 घंटे बिजली सप्लाई सिस्टम बनाए रखने को केदारनाथ में 164 करोड़ के बजट की मांग की गई। केदारनाथ एवं हेमकुंड साहिब रोपवे के लिए 164 करोड़ बजट मांगा गया। बैठक में तय हुआ की ऊर्जा निगम को पर्यटन विभाग समेत अन्य विभागों की ओर से बजट उपलब्ध कराया जाएगा।
केदारनाथ के लिए अभी गौरीकुंड तक सड़क से जाते हैं। उसके बाद 16 किलोमीटर की लंबी 11 हजार 700 फीट ऊंची चढ़ाई पैदल ही चढ़नी पड़ती है। इसमें लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। केदारनाथ जाने के लिए हवाई सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन सीमित मात्रा में होने और महंगाई के कारण हर श्रद्धालु हवाई यात्रा नहीं कर पाता। पैदल रास्ते पर घोड़े (खच्चर) की सुविधा भी उपलब्ध है। ऐसे में केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को रोपवे बजट में पड़ेगा। ठीक इसी तरह सिखों के पवित्र स्थल हेमकुंड साहिब में करीब 12 किलोमीटर लंबे इस रोपवे के बनने से सड़क मार्ग के बाद हेमकुंड साहिब का सफर सिर्फ 54 मिनट में तय किया जा सकेगा।