उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी के छात्र ध्यान दें, अब कुमाऊँनी, गढ़वाली के साथ पढ़िए जापानी भाषा

Uttarakhand open university में स्नातक स्तर पर भाषा विषय की पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है। इसे योग्यता संवर्धन अनिवार्य पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया गया है।
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Uttarakhand Open University NEP: uttarakhand open university new education policy
Image: uttarakhand open university new education policy

देहरादून: अगर आप भी उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में यूजी में एडमिशन लेने की सोच रहे हैं, तो एक भाषा सीखने का मन भी बना लीजिए।

Uttarakhand open university new education policy

दरअसल नई शिक्षा नीति (एनईपी) लागू होने के बाद उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी में स्नातक स्तर पर भाषा विषय की पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है। इसे योग्यता संवर्धन अनिवार्य पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया गया है। ऐसे में बीए, बीएससी और बिकॉम के विद्यार्थियों को अपने लिए भी एक भाषा का चुनाव करना होगा। इसमें कुमाऊनी, गढ़वाली और जौनसारी के साथ ही विदेशी भाषा के रूप में जापानी का विकल्प भी मिलेगा। उत्तराखंड मुक्त विवि में इस 2023 सत्र से लागू किया जा रहा है। स्नातक स्तर पर नई-नीति लागू करते हुए सेमेस्टर प्रणाली प्रारंभ की जा रही है। अबतक अनुएल बेस पर परीक्षा हुआ करती थी।

ऐसे में विद्यार्थियों को यूजी प्रथम सेमेस्टर में 6 विषय पढ़ने होंगे जिसमें तीन संकाय संबंधित एक अन्य पसंदीदा विषय के अलावा एक-एक भाषा और कौशल संबंधी कोर्स का चयन करना अनिवार्य पाठ्यक्रम है। यूजी प्रथम सेमेस्टर में संस्कृत भाषा एवं साहित्य, कुमाऊंनी भाषा साहित्य, गढ़वाली भाषा साहित्य, नेपाली भाषा, जापानी भाषा एवं हिंदी व्याकरण एवं पत्र लेखन, एवं व्यापारिक संचार शामिल है।एईसीसी पाठ्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को सात कोर्सों का विकल्प प्रदान किया गया है। इसमें से एक कोर्स का चयन करना होगा। Uttarakhand open university के अधिकारियों के अनुसार इस कोर्स में 50 अंक की परीक्षा होगी।