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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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देहरादून: उत्तराखंड में मौसम ने लोगों की नाक में दम कर दिया है। हर कोई बरसते बादलों से परेशान है। क्या पहाड़ और क्या मैदान, इस मॉनसून ने सबका जीवन तहस नहस कर के रख दिया है।
वहीं उत्तराखंड में कई जगह बादल फटने से भी भारी तबाही मची है। उत्तराखंड में पौड़ी के थलीसैंण में और उत्तरकाशी के पुरोला में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। पहले आपको पौड़ी गढ़वाल का हाल बताते हैं।थलीसैंण-पीठसैंण-बुंगीधार मोटर मार्ग पर बगवाड़ी गांव के समीप पुल के एक हिस्से का पुश्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे चौथान पट्टी के पांच से अधिक गांवों की आवाजाही ठप हो गई है। जबकि पट्टी के 80 गांवों की आवाजाही प्रभावित हुई है। पट्टी के ग्रामीणों को भीड़ा-जसपुर-उफरैंखाल मोटर मार्ग से 30 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाना होगा। इस आपदा में पट्टी के रौली गांव के एक ग्रामीण की गौशाला भी बह गई है। उसके 11 मवेशी लापता हैं। आगे पढ़िए
वहीं उत्तरकाशी में हुई अतिवृष्टि एवं बादल फटने की घटना के कारण पुरोला, बड़कोट एवं डुंडा तहसील के कई स्थानों पर भूस्खलन हो गया। प्रभावितों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।देर रात करीब ढाई बजे हुई इन घटनाओं की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने उप जिलाधिकारी पुरोला और उप जिलाधिकारी बड़कोट ने समबन्धित विभागों के कर्मियों के साथ मौके पर जाकर स्थिति का जायदा लिया। प्रदेशभर में आज शनिवार से अगले चार दिन तक भारी बारिश की रहेगी। मौसम विभाग ने सभी जिलों के लिए चार दिन तक बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया, 25 जुलाई तक गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन से सड़कें बंद हो सकती हैं। मौसंम की तमाम अपडेट के लिए Uttarakhand Weather Update पढ़ते रहें।