प्रकृति के कहर से बच न सके लोकगायक प्रकाश चंद्र फुलारा, दिल्ली से उत्तराखंड पूजा में शामिल होने के दौरान नाले में बहा टाटा सूमो वाहन, हुई दर्दनाक मौत
-
अनुष्का ढौंडियाल
-
Advertisement
Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination
Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.
Example Ads Media
Image: uttarakhand folk singer prakash chandra phulara death
नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल से सड़क हादसे की एक बेहद दुखद घटना सामने आ रही है।
Uttarakhand folk singer prakash chandra phulara death
यहां कुमाऊं के प्रचलित लोक गायक की सड़क हादसे में दर्दनाक मृत्यु हो गई है। बताया जा रहा है कि रामनगर के ढिकुली में बरसाती नाला उफान पर आ गया, जिससे यहां नाले में एक टाटा सूमो वाहन बह गया। टाटा सूमो में सवार आठ लोग भी बह गए। इस हादसे में मशहूर कुमाऊंनी लोकगायक प्रकाश चंद्र फुलारा की मौत हो गई जबकि सात लोग घायल लोग गए। बताया जा रहा है कि प्रकाश अपने कुछ साथियों के साथ में दिल्ली से द्वाराहाट पूजा में शामिल होने जा रहे थे कि तभी बीच रास्ते में रामनगर के पास उनकी टाटा सुमो उफनते हुए बरसाती नाले में बह गई। इस हादसे में प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। उनको चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां पर उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार देर रात कॉर्बेट के जंगल से आए पानी से ढिकुली स्थित बरसाती नाला उफान पर आ गया। टाटा सूमो में सवार सभी लोग दिल्ली से द्वाराहाट के गांव पूजा में शामिल होने जा रहे थे। बीच रास्ते में 2 अगस्त को तड़के सुबह 3:00 बजे रामनगर से गुजरते हुए नाले में टाटा सुमो फंस गई। टाटा सूमो में फंसे लोगों ने गाड़ी से बाहर निकलने का प्रयास किया मगर पानी का बहाव तेज होने एवं अंधेरा होने के कारण से बाहर नहीं निकल सके। लोगों को हादसे की भनक लगी तो उन्होंने टाटा सुमो में फंसे लोगों को किसी तरह वहां से बाहर निकाला। तुरंत ही पुलिस की मदद से सभी को रामनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्रकाश चंद्र फुलारा की हालत गंभीर देख उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। वहीं उनकी कालाढूंगी से आगे रास्ते में ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई है। हादसे में टाटा सूमो चालक गौरीदत्त, नितिन फुलारा (घायल), शंकर दत्त, ध्रुव शर्मा, ललित फुलारा, हिमांशु फुलारा, भगवती देवी सवार थे। सभी के सभी लोग दिल्ली के निवासी है। बता दें कि प्रकाश दुलारा मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के रहने वाले हैं। वे एक काबिल पहाड़ी गायक और गीतकार थे। उनकी आवाज बेहद मधुर और दिलकश थी। लोक गायक प्रकाश फुलारा की मौत के बाद से उनके गांव में शोक की लहर छा गई है और उनके परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।