घटना वाले दिन प्रकाश अपने गांव जा रहे थे, ताकि अपने 3 साल के बीमार बेटे को इलाज के लिए दिल्ली ले जा सकें।
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कोमल नेगी
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Image: folk singer prakash phulara death in accident
नैनीताल: लोकगायक प्रकाश फुलारा की अब बस यादें ही शेष हैं। रामनगर कार हादसे में लोकगायक प्रकाश फुलारा का निधन हो गया।
folk singer prakash phulara death in accident
उनके निधन की सूचना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। प्रकाश के परिवार का दुख तो शब्दों में बयां भी नहीं किया जा सकता। द्वाराहाट के गनोली गांव में रहने वाले प्रकाश फुलारा घर के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत के बाद से मां और उनकी पत्नी बेसुध हैं। दोनों के मुंह से बोल तक नहीं फूट रहे। घटना वाले दिन प्रकाश अपने गांव जा रहे थे, ताकि अपने 3 साल के बीमार बेटे को इलाज के लिए दिल्ली ले जा सकें, लेकिन दुर्भाग्य से वो रास्ते में हादसे का शिकार हो गए। उनके परिवार में बूढ़ी मां लीला देवी, पत्नी रितु के साथ ही चार पुत्रियां व एक पुत्र रहता है। बेटा विनय भी हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित है। प्रकाश को हर वक्त बेटे की चिंता लगी रहती थी।
गांव वालों ने बताया कि प्रकाश बेटे को इलाज के लिए दिल्ली ले जाने वाले थे। 10 अगस्त को उनके बेटे विनय का ऑपरेशन होना था, लेकिन बुधवार तड़के नाले की शक्ल में उपजी आपदा ने सब खत्म कर दिया। कुमाऊंनी लोकगायक प्रकाश फुलारा दिल्ली में प्राइवेट नौकरी कर किसी तरह परिवार की गुजर-बसर कर रहे थे। उनकी पिछली तीन एलबम को लोगों की काफी सराहना मिली। प्रकाश की ‘हिट रितु मासी बाजार...’ एलबम भी जल्द रिलीज होने वाली थी। कुमाऊंनी लोकगायक के रूप में पहचान बनाने वाले प्रकाश गनोली वन पंचायत के सरपंच भी रह चुके थे। बता दें कि बीते दिन रामनगर के ढिकुली में सूमो वाहन उफनाए बरसाती नाले में बह गया था। हादसे में लोक गायक प्रकाश चंद्र फुलारा की मौत हो गई जबकि सात लोग घायल हो गए। हादसे के बाद गमगीन गांव वालों ने सरकार से लोकगायक प्रकाश फुलारा के असहाय परिवार को आर्थिक मदद की मांग की है।