उत्तराखंड में दुखद हादसा, स्कूल बस ने 7 साल की मासूम बच्ची को कुचला, मौके पर हुई मौत

uttarakhand school bus collision girl death मां के पीछे जा रही थी सात साल की मासूम, निजी स्कूल की बस ने कुचला, दर्दनाक मौत, गुस्साए लोगों ने चालक को पीटा
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uttarakhand school bus collision girl death: School bus crushed 7 year old Neha in Rudrapur
Image: School bus crushed 7 year old Neha in Rudrapur

रुद्रपुर: रुद्रपुर के प्रीत विहार में बेहद बुरा सड़क हादसा हो गया है। यहां एक निजी स्कूल की बस से कुचलकर सात साल की बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई।

School bus crushed 7 year old Neha in Rudrapur

हादसे के बाद घटनास्थल पर हड़कंप मच गया। लोगों की चीखपुकार से इलाका दहल उठा। बच्ची की माँ और पिता का रो रोकर बुरा हाल हो गया है। वहीं हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और मोहल्लेवासियों ने चालक से मारपीट कर बस पर पथराव करते हुए जमकर हंगामा किया। उन्होंने मासूम का शव सड़क पर रखकर जाम लगाया। रीब चार घंटे तक चले हंगामे के बाद लोग किसी तरह शांत हुए और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।हादसा बेहद हृदयविदारक था। जिसने भी इसे साक्षात देखा, वह सदमे में है। महज एक ही पल में मासूम बच्ची बस के नीचे आ गई और मर गई। दरअसल मूल रूप से गांव बावनपुर बिलासपुर जिला रामपुर निवासी संजीव शर्मा करीब आठ साल से प्रीत विहार फाजिलपुर महरौला में पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहते हैं।

संजीव सिडकुल की एक फैक्टरी में नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी भी नौकरी करतीं हैं। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे पत्नी काम पर जाने के लिए निकली और पीछे से उनकी सात वर्षीय सबसे छोटी बेटी नेहा भी आ गई। ठीक उसी समय जीडी गोयनका स्कूल में बंसल ट्रांसपोर्ट की बस आ रही थी जिसे किच्छा निवासी 70 वर्षीय चालक राजेंद्र कुमार चला रहा था। उस बस में स्कूल के करीब 30 बच्चे रोजाना आते-जाते हैं। परिचालक की गैरमौजूदगी में बस में बैठे सभी बच्चों की जिम्मेदारी चालक के सिर पर थी। वह स्पीड में बस चला रहा था, इसी दौरान सड़क से निकल रही नेहा जीडी गोयनका स्कूल की बस के पिछले टायर की चपेट में आ गई और सिर कुचल जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बच्ची की मौत से परिजन और आसपास के लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने चालक की पिटाई कर बस पर पथराव कर इसके शीशे तोड़ दिए। साथ ही शव को सड़क पर रख दिया। लोग चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ ही मुआवजे की मांग पर अड़ गए। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर शव न उठाने की चेतावनी दी। काफी समझाने पर करीब चार घंटे बाद लोग माने। पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम (uttarakhand school bus collision girl death) के लिए भेजा। वहीं बस को सीज करने के साथ ही चालक को हिरासत में ले लिया गया है।