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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में लगातार हो रही बरसात के चलते जगह-जगह से हादसों की दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है।
अब उत्तराखंड के शिवपुरी में ऋषिकेश कर्ण प्रयाग रेल लाइन परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा होते होते टल गया। दरअसल ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के निर्माण अधीन सुरंग में भारी बरसात के कारण पानी भरने से वहां पर 114 इंजीनियर और श्रमिक फंस गए। बता दें कि लगातार सुरंग के अंदर पानी भरता जा रहा था जिसकी वजह से उनकी जान गले में अटकी हुई थी। बता दें कि सुरंग के अंदर पानी भरने के बाद उसमें से पानी की निकासी नहीं हुई और टनल के अंदर पानी बढ़ने लगा इसके बाद उनकी सांसे अटक गईं। सूचना मिलते ही सुबह 9:30 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और टनल में से पानी की निकासी के लिए मशीन से मलबा हटाया गया और तकरीबन 3 घंटे की मशक्कत के बाद में पानी की निकासी शुरू हुई और सभी लोगों का सकुशल रेस्क्यू किया गया और उनको बाहर निकाला गया। आगे पढ़िए
दरअसल पुलिस के मुताबिक सुबह 9:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि शिवपुरी में निर्माणाधीन टनल में इंजीनियर और श्रमिकों की करीब 300 मीटर भीतर फंसे होने की सूचना मिली। पुलिस को बताया गया की भारी बरसात होने के कारण टनल में तीन से चार दिन तक पानी भर गया है और पानी की निकासी न होने की वजह से वहां पर कई श्रमिक एवं इंजीनियर फंस गए हैं और वे बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। इसके बाद पुलिस तुरंत ही मौके पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि टनल के बाहर मलबा आने से पानी के निकासी बंद हो गई जिससे टनल में तकरीबन तीन से 4 फुट तक पानी भर गया और उन्हें भीतर इंजीनियर और श्रमिकों की जान अटक गई। पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और टनल ल को मशीन से हटाया जिसके बाद पुलिस ने सभी इंजीनियर और श्रमिकों को सकुशल बाहर निकाला गया।