Advertisement
Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
Example Ads Media
देहरादून: उत्तराखंड में बरसात कहर बनकर बरस रही है। पहाड़ों से लेकर मैदाने तक बरसात में जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है।
जहां देखो वहां पर आपदा के दृश्य नजर आ रहे हैं। कई लोगों की बरसात के कारण जान चली गई है तो कई लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं। अब देहरादून के विकासनगर के बिन्हार क्षेत्र के ग्राम जाखन में बुधवार को भारी भूस्खलन हो गया। इसके चलते भूस्खलन की चपेट में आकर कई मकान गिर गए। वहीं, इस कारण सरकारी स्कूल भी खतरे की जद में आ गए हैं। गनीमत यह रही कि भूस्खलन से पहले ही लोग घरों से बाहर निकल गए थे। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।दरअसल बुधवार दोपहर गांव में अचानक हुए भूस्खलन से गांव में हड़कंप मच गया। भूस्खलन होता देख लोग घरों से बाहर आ गए। कुछ ही देर में देखते ही देखते घर जमींदोज हो गए। हादसे में कई लोग बेसहारा हो गए हैं। प्रशासन जनहानि का आंकलन कर रही है।
बता दें कि उत्तराखंड में इस साल रिकॉर्ड तोड़ वर्षा हुई है। वर्षा काफी जल्दी शुरू हो गई और मानसून ने तो आफत ही बरसा दी है। बता दें कि बीते 24 घंटों में राजधानी दून के सहस्रधारा में हुई बारिश ने दूसरी बार 72 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सहस्रधारा में 251 एमएम बारिश हुई। नौ अगस्त को भी सहस्रधारा में इतनी ही बारिश दर्ज की गई थी। जबकि, इससे पहले साल 1952 में 22 अगस्त को 332.2 एमएम बारिश हुई थी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है सहस्रधारा का अधिकतर हिस्सा वनों से घिरा हुआ है। इस इलाके में बारिश ज्यादा होने की वजह एक यह भी है। केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा, आने वाले दिनों में भी इस इलाके में अधिक बारिश होने की संभावना है। बता दें की मौसम विभाग ने आने वाले 20 अगस्त तक उत्तराखंड में बरसात को लेकर अलर्ट जारी किया है और सभी को सुरक्षित रहने की अपील की है।