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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: उत्तराखंड एक बार फिर कुदरत के कहर का सामना कर रहा है। पर्वतीय जिलों में भारी बारिश की वजह से हालात बिगड़ रहे हैं।
सड़कें भूस्खलन से प्रभावित हैं, नदियों-गदेरों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। लोग आफत की बारिश के थम जाने का इंतजार कर रहे हैं और लगता है ये इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग का कहना है कि 20 और 21 अगस्त को प्रदेशभर में बारिश से थोड़ी राहत मिल सकती है, हालांकि ये राहत स्थायी नहीं होगी। 22 अगस्त के बाद एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। प्रदेशभर में तेज बारिश होने के आसार हैं। खासकर अगस्त के आखिरी हफ्ते में बारिश से लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी। आज प्रदेश के तीन जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। आगे पढ़िए
मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिले में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि अन्य जिलों में भी कई दौर की हल्की बारिश होने के आसार हैं। प्रदेश में लगातार जारी बारिश से सड़कों-पुलों को भारी नुकसान पहुंचा है। दिल्ली में एक मीडिया संवाद में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं में अब तक 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। हरिद्वार जिले में बाढ़ व जलभराव से 21 हजार हेक्टेयर गन्ने की फसल खराब हो गई। सड़कों और पुलों को भारी क्षति हुई है। सीएम ने कहा कि अभी मानसून सक्रिय है। बारिश कम होने के बाद सड़कों को पुरानी स्थिति में लाने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू किया जाएगा।