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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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नैनीताल: उत्तराखंड के एक और जांबाज लाल ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।
नैनीताल के दीपक पांडेय ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में शहीद हो गए। जब से दीपक पांडेय की शहादत की खबर घर पहुंची है, घर-गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। माता-पिता गहरे सदमे में हैं। फौजी दीपक पांडेय मुक्तेश्वर के रहने वाले थे। इन दिनों वो जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में तैनात थे। दीपक का परिवार मल्ला गहना सुपाकोट में रहता है। परिजनों ने बताया कि दीपक पांडेय साल 2017 में भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट की बंगाल इंजीनियरिंग का हिस्सा बने थे। उन्होंने ग्रेजुएशन करने के बाद बतौर इलेक्ट्रिशियन सेना ज्वाइन की थी। रविवार को सेना के अधिकारियों की ओर से शहीद दीपक के परिजनों को उनकी शहादत की जानकारी दी गई, जिसके बाद घर में कोहराम मच गया। सेना के अधिकारियों ने बताया कि दीपक ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में शहीद हो गए। शहीद दीपक अपने पीछे माता-पिता, छोटी बहन और बड़े भाई समेत पूरे परिवार को बिलखता छोड़ गए हैं। दीपक के परिजन अब लाडले के अंतिम दर्शनों का इंतजार कर रहे हैं। शहीद का पार्थिव शरीर सोमवार शाम तक उनके पैतृक गांव पहुंचने की उम्मीद है, जहां उन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।