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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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श्रीनगर गढ़वाल: राज्य सरकार लोगों से पहाड़ न छोड़ने की अपील कर रही है, लेकिन जिन जगहों पर हमारे बच्चे ही सुरक्षित न हों, वहां भला कोई क्यों रहना चाहेगा।
पर्वतीय इलाकों में मासूम बच्चे गुलदार के शिकार बन रहे हैं। इस बार मामला श्रीनगर गढ़वाल का है। जहां ढिकाल गांव में गुलदार ने तीन साल की मासूम को अपना निवाला बना लिया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। लोगों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश है। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त बच्ची घर के आंगन में खेल रही थी। तभी घात लगाए गुलदार ने उस पर हमला कर दिया और उसे जबड़े में दबोचकर ले गया। यहां ढिकाल गांव में गणेश नेगी अपने परिवार के साथ रहते हैं। आगे पढ़िए
उनकी बेटी आइशा आंगन में खेल रही थी। तभी गुलदार आइशा को उठाकर ले गया। उस वक्त बच्ची की मां और चाचा घर पर ही थे, लेकिन जब तक वो मौके पर पहुंचे गुलदार बच्ची को लेकर काफी दूर निकल गया था। गांव में रहने वाले लोगों ने बताया कि क्षेत्र में गुलदार पहले भी कई बार आया है और मवेशियों का शिकार भी किया है। इस बारे में वन विभाग को सूचना दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्रीय विधायक डॉ. धन सिंह रावत ने भी घटना पर दुख जताया है। पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता के तौर पर डेढ़ लाख का मुआवजा दिया जा रहा है। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विभाग को प्रभावित परिवार की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए 4 टीमों का गठन किया है।