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ऋषिकेश: ऋषिकेश का एम्स हॉस्पिटल...यहां एक फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया है। दरअसल एक युवक यहां डॉक्टर की यूनिफॉर्म पहनकर घूम रहा था।
सेवा वीरों ने उससे पूछताछ की तो वो खुद को न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट का डॉक्टर बताने लगा। हंगामा बढ़ा तो एम्स के प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। तब पता चला कि युवक डॉक्टर नहीं है। एम्स के प्रशासनिक अधिकारी ने युवक को पुलिस के हवाले कर दिया है। उन्होंने तहरीर देकर युवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के साथ गहन जांच पड़ताल के लिए भी कहा है। हालांकि ये मामला सिर्फ फर्जी डॉक्टर बनकर घूमने तक सीमित नहीं हो सकता। ऐसा इसलिए क्योंकि एम्स में बेड की संख्या सीमित है, जबकि इलाज के लिए बड़ी तादाद में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में इस तरह के कुछ लोग उनकी मजबूरी का फायदा उठा लेते हैं। उनको प्राइवेट अस्पतालों में भेजने के नाम पर मोटा कमीशन भी खाते हैं। इसके अलावा कई तरह की जांच और बेड दिलवाने के नाम पर भी फर्जीवाड़ा हो सकता है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल के मुताबिक मंगलवार को यहां एक युवक फर्जी रूप से डॉक्टर की वर्दी पहनकर घूमता पाया गया। युवक की पहचान सचिन कुमार निवासी कृष्णा नगर कॉलोनी, ऋषिकेश के रूप में हुई है। एम्स के अधिकारियों को बताया कि युवक ने कोविड-19 के दौरान डीआरडीओ के अस्पताल में बतौर हॉस्पिटल अटेंडेंट के रूप में काम किया है। जिसके बाद वह यहां से चला गया। पकड़े गए युवक के मोबाइल नंबर से 50 से अधिक रजिस्ट्रेशन एम्स में कराए गए हैं, जिसका डाटा बरामद कर लिया गया है। इसके अलावा उसके पास 10 हजार से अधिक नकद रुपए भी बरामद हुए हैं। युवक के मोबाइल में कई तरह के फर्जी दस्तावेज देखे गए हैं, साथ ही उसके मोबाइल से लाखों रुपये का लेन-देन हुआ है। युवक कई तरह के षडयंत्र में शामिल हो सकता है, इसलिए पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।