उत्तराखंड में भूकंप से डोली धरती, वैज्ञानिकों ने दिया बड़े खतरे का रेड सिग्नल

उत्तरकाशी में गुरुवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई।
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

Example Ads Media
Uttarkashi earthquake 5 October: Uttarakhand earthquake in Uttarkashi October 5
Image: Uttarakhand earthquake in Uttarkashi October 5

उत्तरकाशी: भूकंप की दृष्टि से उत्तराखंड को संवेदनशील माना जाता है उत्तराखंड के उत्तरकाशी में गुरुवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए।

earthquake in Uttarkashi 5 October

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई। लेकिन भूकंप आने पर लोग घर से बाहर निकल आए.मंगलवार दोपहर को 2.51 पर आए भूकंप के झटकों के बाद दहशत में लोग दफ्तर और घरों से बाहर निकल गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मॉलोजी के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई। जिसका केंद्र नेपाल के दिपायल से 38 किलोमीटर दूर जमीन के अंदर पांच किलोमीटर गहराई में था। झटके यूपी-दिल्ली समेतर कई राज्यों में महसूस किए गए।

वाडिया इंस्टीट्यूट के निदेशक कालाचंद सेन के मुताबिक इंडियन और यूरेशियन प्लेट के टकराने के प्रभावों का जीपीएस के माध्यम से अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि धरती के नीचे बड़ी मात्रा में एनर्जी स्टोर हो गई है। धरती के नीचे जमा एनर्जी का धीरे-धीरे निकलना जरूरी है, वरना यह बड़े भूकंप का खतरा पैदा कर देगी। चिंता वाली बात ये है कि प्रदेश के कई जिले लॉक जोन में हैं, जिस वजह से यहां पर एनर्जी बाहर नहीं निकल पा रही। कम तीव्रता के भूकंप से एनर्जी स्टोरेज कम होगा, तो बड़े भूकंप का खतरा टल जाएगा। हालांकि प्रदेश में बड़े भूकंप का खतरा भी बना हुआ है, लेकिन यह कब आएगा, कहा नहीं जा सकता। उत्तराखंड का ज्यादातर इलाका भूकंप के लिहाज से जोन चार और पांच में हैं। इसलिए बार-बार भूकंप की घटनाएं देखने को मिल रही हैं