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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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रुद्रप्रयाग: छत्तीसगढ़ में होने जा रहे चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी बाबा केदार की शरण में पहुंचे।
इस दौरान राहुल गांधी हर तरह की राजनीतिक बातों से दूर रहे। पहले माना जा रहा था कि केदारनाथ यात्रा के दौरान राहुल कोई राजनैतिक संदेश देंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। अपनी यात्रा के पहले दिन राहुल गांधी सियासत से पूरी तरह दूर रहे। उन्होंने कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं की, सोशल मीडिया एकाउंट पर भी उन्होंने सिर्फ धाम की फोटो पोस्ट की। धाम में दर्शन करने के बाद, उन्होंने बाहर लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को अपने हाथ से गरमा गरम चाय भी बांटी। राहुल गांधी के केदारनाथ दर्शन के दौरान उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। किसी ने राहुल गांधी तो कुछ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे लगाए। आगे पढ़िए
इस दौरान राहुल गांधी ने समर्थकों को अपने समर्थन में नारे लगाने से रोक दिया। केदारनाथ धाम में मंगलवार को भगवान भैरवनाथ के मंदिर में रोट काटने की परंपरा निभाई जाएगी, माना जा रहा है कि राहुल गांधी इस दौरान मंदिर में रोट चढ़ाएंगे। वो मंगलवार को भगवान भैरवनाथ मंदिर में इस अनुष्ठान में शामिल होंगे। बीते दिन राहुल गांधी जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचे तब भी पार्टी नेताओं से उनकी मुलाकात नहीं हुई। केदारनाथ धाम में भी एक मात्र पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ही केदारनाथ में उनके साथ नजर आए। राहुल गांधी ने केदारनाथ यात्रा को केवल निजी रखा। इसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक रंग देने से परहेज किया। सूत्रों के अनुसार सोमवार को राहुल गांधी केदारनाथ में भंडारा भी आयोजित करने जा रहे हैं। इसमें वो खुद सेवा कर सकते हैं। बीते दिनों स्वर्ण मंदिर दर्शन के दौरान भी वो ऐसा करते नजर आ चुके हैं।