उत्तराखंड का ज्यादातर इलाका भूकंप के लिहाज से जोन चार और पांच में हैं। इसलिए बार-बार भूकंप की घटनाएं देखने को मिल रही हैं।
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कोमल नेगी
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Image: Earthquake tremors in Uttarakhand Uttarkashi
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के सीमांत जिलों में बार-बार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। इस बार उत्तरकाशी में धरती कांप गई।
Earthquake tremors in Uttarakhand
यहां एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारतीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार भूकंप 16 नवंबर, बुधवार रात 02.02 बजे आया। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.1 दर्ज की गई। फिलहाल किसी नुकसान की सूचना नहीं है। बीती रात जब लोग घरों में चैन की नींद सो रहे थे, तभी धरती अचानक हिलने लगी। जिसके बाद डरे हुए लोग घरों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने तो पूरी रात जागकर ही बिताई। बताया जा रहा है कि भूकंप का केंद्र मोरी अन्तर्गत सांकरी के सिंगतूर रेंज के वन क्षेत्र में जमीन से पांच किमी नीचे था। आगे पढ़िए
वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के भूकंप विज्ञानियों की मानें तो उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। उत्तराखंड का ज्यादातर इलाका भूकंप के लिहाज से जोन चार और पांच में हैं। इसलिए बार-बार भूकंप की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। यहां पिथौरागढ़ से लेकर चमोली और उत्तरकाशी तक लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। वैज्ञानिकों की मानें तो इस संपूर्ण क्षेत्र में भूगर्भ में तनाव की स्थिति निरंतर बनी हुई है। ऐसे में सिस्मिक गैप में कभी भी बड़ा भूकंप आ सकता है। वैज्ञानिकों ने कहा कि बड़े भूकंप के आने का समय नहीं बताया जा सकता, लेकिन इससे निपटने की तैयारी जरूर की जा सकती है। उत्तराखंड में नुकसान से बचने के लिए भूकंपरोधी तकनीक पर आधारित निर्माण नियम का अनिवार्य रूप से पालन करने की जरूरत है।