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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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रामनगर: उत्तराखंड में बाघ-गुलदार न सिर्फ इंसानी बस्तियों में दाखिल हो रहे हैं, बल्कि राह चलते लोगों के लिए भी काल बने हुए हैं। रामनगर में एक ऐसी ही घटना सामने आई है।
यहां हाथीडंगर गांव में बाइक सवार दो युवकों के सामने बाघ आ गया। इस घटना में दोनों युवक चोटिल हो गए। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रामनगर के अंतर्गत मालधन नंबर एक निवासी धर्मेश कुमार पुत्र दिनेश कुमार, जितेंद्र प्रसाद व चंद्रमोहन ढिकुली के एक रिसार्ट में सुरक्षा गार्ड हैं। अस्पताल में धर्मेश ने बताया कि वह शनिवार की सुबह दस बजे ड्यूटी खत्म करके बाइक से जितेंद्र के साथ घर जा रहा था। पीछे दूसरी बाइक में चंद्रमोहन था। दोनों जैसे ही आमपोखरा रेंज के हाथीडंगर मोड़ पर पहुंचे, बाघ ने उन पर झपट्टा मार दिया। इससे बाइक चला रहे युवकों का बैलेंस बिगड़ गया और वो सड़क पर गिर गए। आगे पढ़िए
तीनों युवकों की किस्मत अच्छी थी जो कि बाइक के गिरते ही एक्सीलेटर की तेज आवाज होने व तीनों युवकों द्वारा शोर मचाने पर बाघ डर गया और वहां से भाग गया। हमले में घायल धर्मेश व जितेंद्र को सरकारी चिकित्सालय लाया गया। सूचना मिलने पर रेंजर पूरन खनायत ने युवकों से घटना की जानकारी ली। हादसे में घायल धर्मेश ने बताया कि झपट्टा मारने पर उसके सिर से हेलमेट गिर गया। बाघ ने उसके गले में हमले का प्रयास किया तो उसने हाथ लगाकर अपना बचाव किया। बाघ के नाखून से हाथ के समीप जैकेट फट गई। अगर जैकेट नहीं होती तो बाघ उसके हाथ पर हमला कर देता। बता दें कि इस क्षेत्र में 9 नवंबर को बाघ ने पूजा देवी नाम की महिला को मार दिया था। 2 नवंबर को अंकित नाम का युवक भी बाघ (Ramnagar Tiger) के हमले में घायल हो चुका है।