Uttarakhand news: यहां कीवी की खेती ने संवारी किस्मत, किसानों ने 1 साल में किया 60 लाख का कारोबार

Bageshwar Kiwi Farming एक साल में यहां 800 क्विंटल कीवी का उत्पादन हुआ। जिससे हर किसान को प्रति एकड़ भूमि से दो से ढाई लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है।
Advertisement Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers

A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.

Example Ads Media
Bageshwar Kiwi Farming: Farmers in Bageshwar are earning good income from kiwi farming
Image: Farmers in Bageshwar are earning good income from kiwi farming

बागेश्वर: उत्तराखंड के प्रगतिशील किसान अपनी मेहनत के दम पर नए कीर्तिमान बना रहे हैं।

Kiwi Farming in Bageshwar

इसी कड़ी में एक अच्छी खबर बागेश्वर जिले से आई है। इस पहाड़ी जिले ने कीवी की बागवानी में क्रांति लाकर उत्पादन के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर डाले। एक साल में यहां 800 क्विंटल कीवी का उत्पादन हुआ। जिससे किसान को प्रति एकड़ भूमि से दो से ढाई लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है। यह जानकारी जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह ने दी। उन्होंने आगामी दो वर्ष में कीवी का प्रतिवर्ष उत्पादन एक करोड़ रुपये तक पहुंचाने का दावा किया है। इस तरह बागेश्वर जिला कीवी की खेती के क्षेत्र में क्रांति का सूत्रधार बनेगा। आगे पढ़िए

जिले में कीवी का वार्षिक कारोबार 60 लाख रुपये तक पहुंच गया है, जिसे एक करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। शामा गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक यानी कीवी मैन भवान सिंह कोरंगा ने कीवी उत्पादन की पहल बीते चार साल पूर्व की थी। वर्तमान में वह हर वर्ष कीवी फलों से 15 लाख से अधिक की आय अर्जित कर रहे हैं। गांव के दूसरे किसान भी उनसे प्रेरणा लेकर कीवी की खेती (Kiwi Farming Bageshwar) शुरू कर चुके हैं और इससे अच्छी आय प्राप्त कर रहे हैं। जिले में 140 किसान कीवी की बागवानी कर रहे हैं। कीवी फल जिले की आबोहवा में अच्छा फल-फूल रहा है। शामा, कौसानी, गरुड़ आदि स्थानों पर किसान कीवी की खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं, जो कि जिले के साथ-साथ प्रदेश के लिए शुभ संकेत है।