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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: अयोध्या में रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर हर तरफ हर्षोल्लास नजर आ रहा है।
हर कोई रामलला के दर्शन करना चाहता है और लोगों की इसी चाह को साइबर ठगों ने अपना धंधा बना लिया है। कहीं लोग चंदे के नाम पर लुट रहे हैं तो कहीं उन्हें वीआईपी दर्शन का लालच देकर लूटा जा रहा है। आप भी सावधान रहें। अगर आपको कोई ऑनलाइन क्यूआर कोड भेजकर राम मंदिर निर्माण या प्रसाद वितरण, एंट्री पास दिलवाने के नाम पर पैसे भेजने के लिए कहे तो झांसे में न आएं। ये ठगों का जाल हो सकता है। क्योंकि अयोध्या में श्रीराम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के चलते साइबर ठग भी लगातार सक्रिय हैं। ये ठग लोगों को मैसेज, क्यूआर कोड भेजकर पैसे की मांग कर रहे हैं।
पुलिस और साइबर क्राइम सेल की टीम भी लोगों को सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से सचेत कर रही है। एसएसपी हरिद्वार प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि साइबर ठगी से बचाव के लिए सबसे बड़ा उपाय सावधानी है। ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सावधानी बरतने के साथ ही जागरूक होना बेहद जरूरी है। पुलिस लगातार सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से लोगों को सचेत कर रही है। आपको जिन बातों का ध्यान रखना है, वो भी नोट कर लें। कोई राम मंदिर अयोध्या के नाम पर ऑनलाइन चंदा मांगे तो ध्यान न दें। अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर आए मैसेज का बिना सत्यापन के रिप्लाई न करें। सत्यापन किए बिना किसी को भी ऑनलाइन चंदा न दें। अगर साइबर ठगी का शिकार हो भी जाएं तो तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज करें, ताकि जालसाजों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके।